Assam Election 2026: भाजपा ने दो और उम्मीदवारों का किया एलान, दल बदलकर आए नेताओं पर लगाया दांव

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने दो और उम्मीदवारों की घोषणा की। पार्टी ने खास रणनीति अपनाते हुए दल बदलकर आए नेताओं पर दांव लगाया है। दल बदलकर

असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची में दो और नामों का एलान कर दिया है। पार्टी लगातार अपने पत्ते खोल रही है, जिससे चुनावी मुकाबला और ज्यादा रोचक होता जा रहा है।

दिसपुर: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की सूची में दो और नाम जोड़ दिए हैं। पार्टी ने दलगांव से कृष्णा साहा और सिसिबरगांव से जीवन गोगोई को टिकट देने का ऐलान किया। इससे पहले भाजपा ने 88 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। अब तक कुल 90 उम्मीदवारों के नाम घोषित हो चुके हैं।

चुनावी तैयारियों में भाजपा की सक्रियता

असम में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। भाजपा लगातार अपने उम्मीदवारों के एलान कर रही है, जिससे विपक्षी दलों पर दबाव बढ़ रहा है। पार्टी ने मंत्रियों, मौजूदा विधायकों और हाल ही में दल बदलकर आए नेताओं पर भरोसा जताते हुए अपनी रणनीति को स्पष्ट किया है। भाजपा की पहली सूची में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को जलुकबाड़ी से उम्मीदवार बनाया गया था। 

इसके अलावा जोरहाट विधानसभा सीट से पार्टी ने अपने सांसद हितेंद्र नाथ गोस्वामी को मैदान में उतारा, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से माना जा रहा है। भाजपा की पहली सूची ने यह संदेश दिया कि पार्टी अनुभव और स्थिरता पर जोर दे रही है। भाजपा ने कई मौजूदा मंत्रियों को भी टिकट दिया है। इसमें अजंता नेओग, रंजीत पेगू, रुपेश गोवाला, पियूष हजारिका और जयंत मल्ला बरुआ जैसे नेता शामिल हैं। यह रणनीति पार्टी की स्थिरता और अनुभव को चुनावी मैदान में बनाए रखने की कोशिश मानी जा रही है।

दल बदलकर आए नेताओं को मौका

भाजपा ने हाल ही में कांग्रेस और अन्य दलों से आए नेताओं को भी मौका दिया है। प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा को टिकट दिया गया है। इसके अलावा सशी कांता दास और कमलाख्या पुरकायस्थ जैसे नेताओं को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है। इस कदम से पार्टी ने न केवल अपने जनाधार को बढ़ाने की रणनीति दिखाई है, बल्कि यह भी संकेत दिया कि भाजपा नई संभावनाओं के लिए खुली है और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना चाहती है।

असम में चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं। भाजपा के लिए यह जरूरी है कि वह अपने अनुभवी नेताओं और नए उम्मीदवारों के मिश्रण के साथ चुनावी संतुलन बनाए रखे।

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