ईद 2026: ईरानी राष्ट्रपति ने मुस्लिम देशों को भेजा संदेश, 'आप हमारे भाई और पड़ोसी हैं, कोई विवाद नहीं'

ईद 2026 पर ईरानी राष्ट्रपति ने मुस्लिम देशों को शुभकामनाएं दी और कहा, "आप हमारे भाई और पड़ोसी हैं, कोई विवाद नहीं।" जानें उनका पूरा संदेश और अंतरराष्ट्रीय

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ईद-उल-फितर 2026 के मौके पर सभी मुस्लिम देशों को एकता और भाईचारे का संदेश भेजा है। अपने संदेश में पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम देशों के साथ ईरान का कोई विवाद नहीं है और वे सभी उनके भाई और पड़ोसी हैं।

तेहरान: ईरान को इजरायल और अमेरिका से जंग लड़ते हुए आज 22 दिन हो चुके हैं। इसी बीच दुनिया भर में शनिवार को ईद मनाई जा रही है। ऐसे समय में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने युद्ध के दौरान सभी मुस्लिम देशों को एक चिट्ठी लिखी। अपने पत्र में उन्होंने मुस्लिम देशों को भाई और पड़ोसी बताया और कहा कि "आप हमारे भाई हैं, इसलिए हमारा आपसे कोई विवाद नहीं है।"

पेजेश्कियन का यह संदेश मुस्लिम देशों के साथ एकजुटता का आह्वान करने के उद्देश्य से था। उन्होंने सभी मुस्लिम देशों को ईद की हार्दिक बधाई भी दी, जिससे क्षेत्रीय शांति और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का संकेत मिला है।

पेजेश्कियन के संदेश का मुख्य अंश

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा:

'इस्लामी देशों और हमारे प्रिय पड़ोसियों के नाम… आप हमारे भाई हैं और हम आपसे किसी भी विवाद में नहीं हैं। हमारे मतभेदों से लाभान्वित होने वाला एकमात्र पक्ष ज़ायोनी इकाई है। हम ईद-उल-फित्र के अवसर पर अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह हमें अपनी ताकत और एकता प्रदान करे, ताकि हम रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शिक्षाओं पर अमल करके उनकी रज़ा हासिल कर सकें।'

इस संदेश में पेजेश्कियन ने न केवल मुस्लिम देशों के साथ सौहार्द और सहयोग का संदेश दिया, बल्कि दुनिया को यह भी याद दिलाया कि बाहरी मतभेदों और तनाव का लाभ किसी और को नहीं बल्कि जायोनी इकाई (इजरायल) को होगा।

ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच संदेश

ईरान और इजरायल के बीच पिछले कुछ हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका ने भी इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला किया गया था। इसके बाद से 22 दिनों की जंग में ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें 40 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और लीडर मारे गए।

इस युद्ध में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और अमेरिका के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। पेजेश्कियन के संदेश का यह हिस्सा स्पष्ट रूप से इस युद्ध के बीच एक शांति और मुस्लिम देशों के साथ भाईचारा कायम रखने का संकेत देता है। ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में जोर दिया कि मुस्लिम देशों को एकजुट रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मतभेदों से किसी को लाभ नहीं मिलना चाहिए और यह केवल क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देगा।

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