अस्पतालों में हाल के दिनों में सामने आई सुरक्षा संबंधी घटनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रभावती अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के एक-एक वार्ड, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और फायर सेफ्टी व्यवस्था की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों का दौरा किया। उन्होंने मरीज वार्ड, इमरजेंसी यूनिट, ऑपरेशन थिएटर, दवा वितरण केंद्र, आईसीयू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई वार्डों में जाकर उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत भी की तथा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
सबसे अधिक जोर अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल परिसर में लगे फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, बिजली व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि उपकरणों की नियमित जांच कब की जाती है और किसी आपात स्थिति में कर्मचारियों को किस प्रकार प्रशिक्षित किया गया है।
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रभावती अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज पहले से ही शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे होते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन की संरचनात्मक स्थिति, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, बिजली बैकअप, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जाए और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अस्पताल प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों और हाल में किए गए सुधार कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच की जाती है और कर्मचारियों को समय-समय पर आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि केवल कागजी दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी दिखनी चाहिए।










