ऑस्ट्रेलिया में ड्रग तस्करी के दोषी हुसैन चामस को 10.5 साल की जेल, फर्जी कोर्ट दस्तावेजों से भागने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया में ड्रग तस्करी के दोषी हुसैन चामस को 10 साल 6 महीने की जेल। वह फर्जी कोर्ट दस्तावेजों से रिहैब सेंटर से भागा और नौका से फरार होने की कोशिश गिरफ्तार

ऑस्ट्रेलिया में ड्रग तस्करी के दोषी हुसैन चामस को 10 साल 6 महीने की जेल हुई। वह जमानत के दौरान फर्जी कोर्ट दस्तावेजों से न्यूकैसल के रिहैब सेंटर से भागा और नौका के जरिए देश छोड़ने की कोशिश करते पकड़ा गया।

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में ड्रग तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए हुसैन चामस को 10 साल 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। चामस पर 2021 में बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन और कोकीन की तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का हिस्सा होने का आरोप था। जमानत मिलने के बाद वह न्यू साउथ वेल्स के एक रिहैब सेंटर से फर्जी कोर्ट दस्तावेजों के सहारे फरार हो गया था और बाद में नौका के जरिए ऑस्ट्रेलिया से भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।

ड्रग तस्करी मामले में 10 साल से ज्यादा की सजा

सिडनी के डाउनिंग सेंटर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान हुसैन चामस को कुल तीन मामलों में दोषी ठहराया गया। अदालत ने उसे 10 साल 6 महीने की सजा सुनाई है। उसकी गैर-पैरोल अवधि 6 साल 6 महीने तय की गई है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, चामस पर 2021 में कमर्शियल मात्रा में सीमा-नियंत्रित ड्रग मेथामफेटामाइन आयात करने की साजिश और कमर्शियल मात्रा में कोकीन की तस्करी से जुड़े अपराधों में दोष सिद्ध हुआ। इसके अलावा उस पर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का भी आरोप था, जो ऑस्ट्रेलिया से भागने की उसकी कोशिश से संबंधित था। समय पहले से हिरासत में बिताए जाने के कारण चामस दिसंबर 2030 में रिहाई के लिए पात्र हो सकता है।

ऑपरेशन आयरनसाइड में हुई थी गिरफ्तारी

हुसैन चामस को 2023 में गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की बड़ी ड्रग तस्करी जांच ऑपरेशन आयरनसाइड से जुड़ी थी। यह जांच ऐसे आपराधिक नेटवर्क पर केंद्रित थी, जो कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड संचार मंच AN0M का इस्तेमाल करता था।

चामस ने दिसंबर 2025 में सिडनी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ड्रग से जुड़े आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था। अदालत में उसने माना कि वह ऐसे सिंडिकेट का सदस्य था, जो 2021 में ऑस्ट्रेलिया में अवैध ड्रग्स की तस्करी से जुड़ा हुआ था। हालांकि, अदालत ने यह भी माना कि वह इस सिंडिकेट में कोई बड़ा या शीर्ष स्तर का सदस्य नहीं था। इसके बावजूद ड्रग तस्करी और बाद में कानून से बचने के लिए की गई उसकी सुनियोजित कोशिशों को गंभीर अपराध माना गया।

न्यूकैसल के रिहैब सेंटर से हुआ फरार

गिरफ्तारी के बाद चामस को जमानत पर न्यूकैसल के पास स्थित Connect Global नाम के रिहैबिलिटेशन सेंटर में रखा गया था। वह वहां करीब 15 महीने रहा और इस दौरान उसने कथित तौर पर अच्छा व्यवहार किया तथा सुधार की दिशा में प्रगति की।

लेकिन जनवरी 2025 में उसने वहां से फरार होने की योजना बनाई। अदालत को बताया गया कि 6 जनवरी 2025 को चामस ने सेंटर के एक कर्मचारी से कहा कि उसे कानूनी सम्मेलन में शामिल होने के लिए सिडनी जाना है। उसी दिन उसे शराब की निगरानी के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग ब्रेसलेट लगाया गया था। इसके बाद रिहैब सेंटर के कर्मचारियों को एक व्यक्ति की ओर से संदेश मिला, जिसने खुद को आपराधिक बचाव पक्ष से जुड़ा बताया था।

फर्जी सुप्रीम कोर्ट दस्तावेज का इस्तेमाल

अदालत के अनुसार, Connect Global के कर्मचारियों को एक ऐसा दस्तावेज भेजा गया, जो कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट से जारी हुआ था। उस दस्तावेज में दावा किया गया था कि चामस की जमानत की शर्तों में बदलाव किया गया है और उसे बाहर जाने की अनुमति दी गई है।

बाद में यह दस्तावेज फर्जी पाया गया। इसी कथित धोखाधड़ी के आधार पर चामस को रिहैब सेंटर से बाहर निकलने में मदद मिली। अदालत ने माना कि यह सिर्फ अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से योजना बनाई गई थी। चामस को एक व्यक्ति किराए की कैंपर वैन में लेकर न्यू साउथ वेल्स से उत्तरी क्षेत्र के गोव प्रायद्वीप तक गया।

उसके फरार होने के बाद अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही जमानत के दौरान उसके लिए रखी गई 3.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक की जमानती राशि भी जोखिम में पड़ गई।

नौका से ऑस्ट्रेलिया से भागने की कोशिश

चामस ने देश से बाहर निकलने के लिए समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 को उसे उत्तरी क्षेत्र के तट के पास एक नौका पर पकड़ा गया। अदालत को बताया गया कि एक महिला ने समुद्र में एक नौका को लंगर डाले देखा था। उसने नौका की दिशा में रोशनी चमकते हुए देखी और इसके बाद नौका से भी रोशनी का संकेत मिला। कुछ समय बाद नौका से जुड़ी एक नीली inflatable नाव को हिलाया जाने लगा।

सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस के पहुंचने तक नौका वहां से आगे बढ़ चुकी थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बॉर्डर फोर्स ने नौका की तलाश शुरू की और उसे रोक लिया। अधिकारियों ने नौका पर मौजूद सभी लोगों को बाहर आने के लिए कहा। उनमें हुसैन चामस भी शामिल था।

इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग ब्रेसलेट काटकर भागा

अदालत में यह भी सामने आया कि चामस ने फरार होने से पहले अपने पैर में लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग ब्रेसलेट को काट दिया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद Connect Global परिसर की तलाशी में यह क्षतिग्रस्त ब्रेसलेट बरामद किया गया। इससे जांचकर्ताओं को उसके फरार होने की योजना और निगरानी से बचने के प्रयास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

जज पॉलीन डेविड ने चामस के व्यवहार को गंभीर बताते हुए कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास का गंभीर उल्लंघन था। अदालत ने विशेष रूप से फर्जी सुप्रीम कोर्ट दस्तावेजों और रिहैब सेंटर के कर्मचारियों को धोखा देने की योजना को गंभीर माना।

जज ने सुनियोजित फरारी को बताया गंभीर अपराध

सजा सुनाते हुए जज पॉलीन डेविड ने कहा कि चामस का अपराध सामान्य तौर पर न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोशिश से अधिक गंभीर था, क्योंकि इसमें संगठित योजना शामिल थी। अदालत ने माना कि चामस ने जमानत पर रिहा किए जाने के बाद उस भरोसे का उल्लंघन किया, जो अदालत ने उस पर किया था। फर्जी दस्तावेज तैयार करना, रिहैब सेंटर को भ्रमित करना, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से बचना और देश से समुद्री रास्ते से भागने की कोशिश इस मामले को और गंभीर बनाती है। हालांकि, ड्रग तस्करी के मामले में अदालत ने यह भी माना कि चामस सिंडिकेट का शीर्ष स्तर का सदस्य नहीं था। उसकी भूमिका को गिरोह के अन्य प्रमुख सदस्यों की तुलना में सीमित माना गया।

दिसंबर 2030 में रिहाई की संभावना

अदालत ने सभी संबंधित अपराधों को मिलाकर चामस को 10 साल 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। उसकी गैर-पैरोल अवधि 6 साल 6 महीने रखी गई है। पहले से हिरासत में बिताए समय को देखते हुए वह दिसंबर 2030 में पैरोल के लिए पात्र हो सकता है। हालांकि, पात्रता का मतलब तत्काल रिहाई नहीं है और आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारियों के फैसले लागू होंगे।

यह मामला ऑस्ट्रेलिया में संगठित ड्रग तस्करी, जमानत की शर्तों के उल्लंघन और न्यायिक प्रक्रिया को धोखा देने की गंभीरता को सामने लाता है। चामस की गिरफ्तारी और सजा के साथ अधिकारियों ने एक ऐसे व्यक्ति की फरारी को समाप्त किया, जिसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर देश से बाहर निकलने की कोशिश की थी।

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