Indian Economy Ranking: भारत छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था? जयराम रमेश ने पूछा- क्या पंकज चौधरी की जाएगी कुर्सी?

Indian Economy Ranking को लेकर सियासी बहस तेज है। जयराम रमेश ने भारत के छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के दावे पर सवाल उठाते हुए पंकज चौधरी की कुर्सी पर भी

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को संसद में बताया कि 3.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था की वैश्विक रैंकिंग को लेकर संसद में दिए गए एक जवाब के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 11 अगस्त 2026 को राज्यसभा में बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अप्रैल 2026 के अनुमान के अनुसार भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है और इस आधार पर देश दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने दावे और संसद में वित्त राज्य मंत्री के ताजा जवाब के बीच अंतर को मुद्दा बनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूछा कि जब प्रधानमंत्री भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बता चुके हैं, तो सरकार के मंत्री अब इसे छठे स्थान पर क्यों बता रहे हैं।

जयराम रमेश ने सरकार पर साधा निशाना

जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 27 मई 2025 को गांधीनगर में दिए बयान का हवाला दिया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने उस समय भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया था। इसके मुकाबले 11 अगस्त 2026 को राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के लिखित जवाब में भारत को छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया गया। 

इसी अंतर को लेकर जयराम रमेश ने सरकार पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या अब वित्त राज्य मंत्री की “नौकरी चली जाएगी”? कांग्रेस नेता का इशारा सरकार के भीतर जवाबदेही को लेकर है। हालांकि, सरकार की ओर से दिए गए जवाब में रैंकिंग के बदलने के आर्थिक कारण भी स्पष्ट किए गए हैं।

IMF के आंकड़ों के आधार पर दिया गया जवाब

पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि IMF की अप्रैल 2026 की World Economic Outlook रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसी आंकड़े के आधार पर भारत को दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया गया है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग एक निश्चित और स्थायी संख्या नहीं होती। इसमें कई आर्थिक और सांख्यिकीय कारकों के कारण बदलाव हो सकता है।

क्यों बदल सकती है भारत की आर्थिक रैंकिंग?

वित्त राज्य मंत्री के मुताबिक IMF की रैंकिंग मौजूदा अमेरिकी डॉलर एक्सचेंज रेट पर आधारित नॉमिनल GDP के आधार पर तैयार होती है। इसलिए किसी देश की डॉलर में मापी गई अर्थव्यवस्था का आकार सिर्फ घरेलू आर्थिक वृद्धि पर निर्भर नहीं करता। एक्सचेंज रेट में बदलाव, कीमतों में उतार-चढ़ाव, आर्थिक विकास की गति, राष्ट्रीय खातों में संशोधन और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के आकार में परिवर्तन भी देशों की आपसी रैंकिंग को प्रभावित कर सकते हैं।

यही वजह है कि अलग-अलग समय पर जारी आर्थिक अनुमानों में भारत की वैश्विक स्थिति अलग दिखाई दे सकती है। इसलिए चौथी और छठी रैंक के बीच दिख रहा अंतर समझने के लिए संबंधित रिपोर्ट की तारीख, GDP का अनुमान और इस्तेमाल किए गए मापदंड को देखना जरूरी है।

2022 में ब्रिटेन को पीछे छोड़ा था

भारत की अर्थव्यवस्था ने सितंबर 2022 में नॉमिनल GDP के आधार पर ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल किया था। इसके बाद भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक रैंकिंग लगातार चर्चा में रही। सरकार की ओर से 30 दिसंबर 2025 को जारी साल के अंत की आर्थिक समीक्षा में भारत की GDP लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर बताई गई थी। उस आंकड़े के आधार पर भारत को जापान से आगे निकलकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया गया था।

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