ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सांसद फ्रेजर एलिस को बड़ा झटका: भत्ते के दुरुपयोग मामले में अपील खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सांसद फ्रेजर एलिस की अपील कोर्ट ऑफ अपील में खारिज। अब वे सरकारी भत्ते के दुरुपयोग से जुड़े सात धोखाधड़ी मामलों में दोषी करार दिए गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सांसद फ्रेजर एलिस की चार दोषसिद्धियों के खिलाफ अपील खारिज हो गई, जबकि तीन अतिरिक्त मामलों में भी उन्हें दोषी ठहराया गया। सरकारी भत्ते के कथित दुरुपयोग से जुड़े कुल सात धोखाधड़ी मामलों में अब उनकी सजा पर सितंबर में सुनवाई होगी।

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण ऑस्ट्रेलिया राज्य के पूर्व सांसद फ्रेजर एलिस (Fraser Ellis) को सरकारी भत्ते के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ऑफ अपील ने उनकी चार मूल दोषसिद्धियों के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। साथ ही, पहले जिन तीन मामलों में उन्हें बरी किया गया था, उन फैसलों को पलटते हुए अदालत ने उन्हें उन आरोपों में भी दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद फ्रेजर एलिस अब कुल सात धोखाधड़ी (Deception) के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। अदालत के इस निर्णय ने लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद को नया मोड़ दे दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में सांसदों को मिलने वाले Country Members Allowance से जुड़ा है। यह भत्ता उन सांसदों को दिया जाता है जिनका स्थायी निवास एडिलेड (Adelaide) से 75 किलोमीटर से अधिक दूरी पर होता है और जिन्हें संसदीय कार्यों के लिए राजधानी की यात्रा करनी पड़ती है। फ्रेजर एलिस, जो पहले लिबरल पार्टी के सदस्य थे और बाद में निर्दलीय सांसद बने, पर आरोप था कि उन्होंने इस भत्ते का दावा करते समय अपने एडिलेड प्रवास और यात्रा से संबंधित जानकारी गलत तरीके से प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि गलत दावे करके सरकारी धन का अनुचित लाभ लिया गया।

2024 में चार मामलों में हुई थी दोषसिद्धि

2024 में एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट ने फ्रेजर एलिस को धोखाधड़ी के चार मामलों में दोषी ठहराया था। हालांकि, उसी समय अदालत ने 19 अन्य आरोपों में उन्हें बरी कर दिया था।

इसके बाद दो अलग-अलग अपीलें दायर की गईं।

एक ओर फ्रेजर एलिस ने अपनी चार दोषसिद्धियों को चुनौती दी, वहीं दूसरी ओर डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूशंस (DPP) ने 19 मामलों में मिली बरी होने की राहत को कोर्ट ऑफ अपील में चुनौती दी।

कोर्ट ऑफ अपील का बड़ा फैसला

कोर्ट ऑफ अपील ने फ्रेजर एलिस की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि मूल दोषसिद्धियों को रद्द करने का कोई आधार नहीं है। साथ ही अदालत ने DPP की अपील पर सुनवाई करते हुए तीन अतिरिक्त मामलों में पहले दिए गए बरी होने के फैसले को निरस्त कर दिया और उनकी जगह दोषसिद्धि दर्ज कर दी। हालांकि, बाकी मामलों में निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा गया। इस निर्णय के बाद एलिस के खिलाफ कुल सात मामलों में दोषसिद्धि कायम हो गई है।

एलिस का क्या था बचाव?

फ्रेजर एलिस ने अदालत में कहा था कि एडिलेड में बिताए गए समय का रिकॉर्ड तैयार करते समय उनसे गलतियां हुई थीं, लेकिन उनका उद्देश्य किसी प्रकार की धोखाधड़ी करना नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि दावा गलत होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उन्होंने जानबूझकर बेईमानी की। हालांकि कोर्ट ऑफ अपील ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके तर्कों को स्वीकार नहीं किया।

फैसले के बाद क्या बोले फ्रेजर एलिस?

अदालत से बाहर निकलने के बाद फ्रेजर एलिस ने विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि पहले उन्हें अदालत का पूरा फैसला पढ़ना होगा और उसके बाद ही आगे की कानूनी रणनीति पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास इस मामले पर और कुछ कहने के लिए नहीं है।

राजनीतिक करियर पर पड़ा असर

फ्रेजर एलिस दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के यॉर्क प्रायद्वीप स्थित नारुंगा (Narungga) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। हाल ही में हुए राज्य चुनाव में वे अपनी सीट हार गए और वन नेशन (One Nation) पार्टी की उम्मीदवार चैंटेल थॉमस ने उन्हें पराजित कर दिया। भत्ते के दुरुपयोग से जुड़ा यह मामला लंबे समय से उनके राजनीतिक भविष्य पर असर डालता रहा है।

सजा पर सितंबर में होगी सुनवाई

2024 में फ्रेजर एलिस ने कोर्ट ऑफ अपील के निर्णय तक अपनी सजा टालने में सफलता हासिल की थी। अब कोर्ट ऑफ अपील का फैसला आने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया है कि सितंबर से सजा तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। अदालत अब प्रत्येक दोषसिद्धि के आधार पर उचित दंड निर्धारित करेगी।

कितनी हो सकती है सजा?

ऑस्ट्रेलियाई कानून के अनुसार धोखाधड़ी (Deception) के अपराध में अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, चूंकि यह मामला एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है, इसलिए प्रत्येक दोषसिद्धि पर अधिकतम दो वर्ष की सजा दी जा सकती है। अंतिम सजा का निर्धारण अदालत द्वारा सभी परिस्थितियों, सबूतों और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर फिर हुई बहस

इस फैसले ने ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और सरकारी भत्तों के उपयोग को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे मामलों में न्यायिक कार्रवाई यह संदेश देती है कि सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानूनी समीक्षा की जाती है। फ्रेजर एलिस के मामले में अब सभी की नजर सितंबर में होने वाली सजा सुनवाई पर रहेगी, जहां अदालत यह तय करेगी कि सात दोषसिद्धियों के आधार पर उन्हें क्या दंड दिया जाएगा।

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