ऑस्ट्रेलियाई संसद में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसद डैन तेहान को स्पीकर के आदेश की अवहेलना और अनुचित भाषा के इस्तेमाल पर सदन से बाहर किया गया। इसी बीच आव्रजन, महंगाई, सुपरएनुएशन और GST बंटवारे जैसे मुद्दों पर भी राजनीतिक बहस जारी रही।
केनबरा: ऑस्ट्रेलिया की संघीय राजनीति में सोमवार को संसद के प्रश्नकाल के दौरान उस समय हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी सांसद डैन तेहान को अभद्र भाषा के इस्तेमाल और स्पीकर के फैसले की अवहेलना करने के कारण सदन से बाहर कर दिया गया। इस घटनाक्रम के साथ ही देश में आव्रजन नीति, महंगाई, सुपरएनुएशन और GST बंटवारे जैसे मुद्दे भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे। दिनभर की राजनीतिक गतिविधियों में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। वहीं, One Nation नेता पॉलिन हैनसन ने महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से परेशान ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए सुपरएनुएशन की राशि समय से पहले निकालने का विकल्प देने का सुझाव दिया।
प्रश्नकाल के दौरान डैन तेहान को सदन से निकाला गया
ऑस्ट्रेलियाई संसद में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसद डैन तेहान को स्पीकर के निर्देश का पालन नहीं करने पर सदन से बाहर कर दिया गया। मामला उस समय बढ़ गया जब तेहान ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे स्पीकर ने संसदीय कार्यवाही के लिए अनुचित माना।
स्पीकर के फैसले के बाद भी तेहान द्वारा अपनी स्थिति पर कायम रहने के कारण उन्हें चैंबर से हटाने का निर्णय लिया गया। ऑस्ट्रेलियाई संसद में प्रश्नकाल के दौरान इस तरह की घटनाएं राजनीतिक तनाव को दर्शाती हैं, खासकर तब जब सरकार और विपक्ष के बीच नीतिगत मुद्दों पर तीखी बहस चल रही हो।
घटना ने दिन की संघीय राजनीति में काफी ध्यान आकर्षित किया और संसदीय मर्यादा तथा सांसदों के व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए सुपरएनुएशन पर सुझाव
दिन के एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में One Nation की नेता पॉलिन हैनसन ने जीवन-यापन की बढ़ती लागत से परेशान ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए सुपरएनुएशन की राशि तक जल्दी पहुंच देने का सुझाव दिया।
ऑस्ट्रेलिया में सुपरएनुएशन सेवानिवृत्ति के लिए बचत की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। आम तौर पर इस राशि को निर्धारित परिस्थितियों और नियमों के तहत ही निकाला जा सकता है। हैनसन का सुझाव ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलियाई परिवार महंगाई, आवास, ऊर्जा और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती लागत का सामना कर रहे हैं।
हालांकि, सुपरएनुएशन से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में बदलाव का व्यापक आर्थिक प्रभाव हो सकता है। इसलिए इस प्रस्ताव पर राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर बहस होने की संभावना है।
आव्रजन नीति को लेकर कारोबारी और खनन क्षेत्र चिंतित
ऑस्ट्रेलिया में आव्रजन नीति को लेकर भी राजनीतिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। सरकार आव्रजन में कटौती करने की दिशा में विचार कर रही है, जबकि विपक्ष और कुछ अन्य राजनीतिक समूह भी अलग-अलग स्तर पर प्रवासन कम करने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख कारोबारी और खनन संगठनों ने चेतावनी दी है कि आव्रजन में बड़ी कटौती से देश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
कारोबार और खनन क्षेत्र का तर्क है कि ऑस्ट्रेलिया में कई बड़े प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं और उन्हें पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। यदि कुशल प्रवासियों के लिए देश में आना मुश्किल होता है, तो कंपनियों को आवश्यक श्रमिक हासिल करने में परेशानी हो सकती है।
बिजनेस समूहों ने जताई चिंता
ऑस्ट्रेलियन इंडस्ट्री ग्रुप के प्रमुख इन्स विलॉक्स ने आव्रजन व्यवस्था में ऐसे बदलावों को लेकर चिंता जताई, जिनसे विदेशी कुशल श्रमिकों के ऑस्ट्रेलिया आने में हिचक पैदा हो सकती है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अर्थव्यवस्था को स्थिर गति से आगे बढ़ाने के लिए श्रम बाजार में आवश्यक कौशल उपलब्ध होना जरूरी है। निर्माण, खनन, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की मांग को पूरा करने में प्रवासी श्रमिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए कारोबारी समूह चाहते हैं कि सरकार आव्रजन नीति में बदलाव करते समय उद्योग की जरूरतों और श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति को भी ध्यान में रखे।
One Nation की आव्रजन नीति पर भी सवाल
One Nation की नेता पॉलिन हैनसन आव्रजन में बड़ी कटौती की समर्थक रही हैं। पार्टी का तर्क है कि देश को अपनी आबादी और संसाधनों पर बढ़ते दबाव से राहत देने के लिए प्रवासन की गति कम करने की जरूरत है।
हैनसन ने पहले कहा था कि कारोबार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की उन्हें ज्यादा चिंता नहीं है। पार्टी की आव्रजन नीति को लेकर मीडिया ने One Nation के सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स से भी कई सवाल पूछे।
रॉबर्ट्स से पूछा गया कि पार्टी की प्रस्तावित नीति के तहत किन देशों से आने वाले प्रवासियों पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार किया और कहा कि वह तत्काल प्रतिक्रिया देकर मीडिया से बात नहीं करना चाहते।
प्रवासन में कटौती पर राजनीतिक मतभेद
ऑस्ट्रेलिया में आव्रजन नीति पहले से ही राजनीतिक बहस का संवेदनशील विषय है। एक ओर कुछ राजनीतिक दल आव्रजन कम करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कारोबार जगत का कहना है कि देश की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल प्रवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सरकार की ओर से प्रवासन में कटौती की संभावनाओं पर चर्चा के बीच यह भी खबर सामने आई कि कुछ प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से पहले चर्चा नहीं की गई थी।
इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकार आव्रजन नीति में बदलाव को किस तरह लागू करेगी और उसका प्रभाव उद्योग तथा श्रम बाजार पर कितना पड़ेगा।

GST बंटवारे पर भी संसद में बहस
दिन के दौरान ऑस्ट्रेलिया में GST राजस्व के राज्यों के बीच बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। उत्पादकता आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा GST व्यवस्था ने संघीय सरकार पर शुरुआती छह वर्षों में लगभग 23 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का वित्तीय प्रभाव डाला।
रिपोर्ट के अनुसार, इसमें से लगभग 22 अरब डॉलर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया को गया। GST के बंटवारे का मुद्दा लंबे समय से राज्यों के बीच राजनीतिक बहस का विषय रहा है।
लेबर सांसद पैट्रिक गोरमन ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया को GST व्यवस्था में ‘दाता राज्य’ के रूप में वर्णित किया और संकेत दिया कि वह मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
क्वींसलैंड को अधिक हिस्सा देने की मांग
लिबरल सांसद गर्थ हैमिल्टन ने कहा कि वह उत्पादकता आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने का इंतजार करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि क्वींसलैंड के लिए GST से अधिक राजस्व मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
GST राजस्व के बंटवारे में राज्यों के बीच संतुलन बनाना ऑस्ट्रेलियाई संघीय व्यवस्था की प्रमुख आर्थिक चुनौतियों में से एक है। अलग-अलग राज्यों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था उनके आर्थिक योगदान और जरूरतों को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करती। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
One Nation के नेताओं के बयानों पर भी चर्चा
One Nation के भीतर नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर भी दिनभर सवाल उठे। मैल्कम रॉबर्ट्स ने विभिन्न पॉडकास्ट में दिए गए अपने बयानों को लेकर पार्टी नेता पॉलिन हैनसन के साथ बातचीत की पुष्टि की।
रॉबर्ट्स ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें आगे पॉडकास्ट में शामिल होने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है। उनके बयानों को लेकर मीडिया में लगातार सवाल उठते रहे हैं और इससे पार्टी की संचार रणनीति भी चर्चा में आई है।
दूसरी ओर, One Nation के वरिष्ठ नेता बरनाबी जॉयस ने दिन के दौरान कई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में कई मुद्दे एक साथ चर्चा में
सोमवार का संघीय राजनीतिक घटनाक्रम दिखाता है कि ऑस्ट्रेलियाई राजनीति इस समय कई महत्वपूर्ण मुद्दों से गुजर रही है। संसद में संसदीय भाषा और सांसदों के व्यवहार से लेकर आव्रजन, महंगाई, सुपरएनुएशन और GST राजस्व के बंटवारे तक कई विषय राजनीतिक बहस का हिस्सा बने।
डैन तेहान को सदन से बाहर किए जाने की घटना ने संसदीय मर्यादा पर ध्यान खींचा, जबकि पॉलिन हैनसन का सुपरएनुएशन संबंधी सुझाव आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाता है।
वहीं, आव्रजन नीति पर कारोबारी संगठनों की चिंता सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती रखती है। सरकार को एक तरफ श्रम बाजार की जरूरतों और आर्थिक विकास को बनाए रखना है, तो दूसरी तरफ आव्रजन को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों पर सरकार, विपक्ष, कारोबारी संगठनों और राज्यों के बीच बहस और तेज होने की संभावना है। विशेष रूप से आव्रजन नीति और GST व्यवस्था में किसी भी बड़े बदलाव का असर ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और संघीय राजनीति दोनों पर पड़ सकता है।











