Australia vs Bangladesh Test: हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बदली रणनीति, जैक वेदराल्ड बाहर; 3 साल बाद मैट रेनशॉ की वापसी

Australia vs Bangladesh Test में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने टीम रणनीति में बदलाव किया है। जैक वेदराल्ड को बाहर कर 3 साल बाद मैट रेनशॉ की टीम में वापसी हुई है।

बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के लिए अपनी टीम में बदलाव किया है। घरेलू मैदान पर मिली इस अप्रत्याशित हार के बाद चयनकर्ताओं ने टीम संयोजन पर फैसला लेते हुए तीन साल से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे एक खिलाड़ी को दोबारा मौका दिया है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे मुकाबले के लिए अपनी टीम में बदलाव किया है। सलामी बल्लेबाज जैक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि मैट रेनशॉ को करीब तीन साल बाद टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला है. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में घरेलू मैदान पर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। 

इस नतीजे के बाद चयनकर्ताओं ने दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बदलाव करते हुए बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करने की कोशिश की है। पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करने वाले जैक वेदराल्ड को 13 सदस्यीय टीम से बाहर कर दिया गया है। वेदराल्ड का पहले टेस्ट में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहली पारी में 23 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में वह खाता भी नहीं खोल सके। 

ऐसे में चयनकर्ताओं ने उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज मैट रेनशॉ को टीम में शामिल किया है। रेनशॉ की वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने करीब तीन साल से ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है।

घरेलू क्रिकेट में शानदार रहा रेनशॉ का प्रदर्शन

मैट रेनशॉ को टीम में शामिल करने के पीछे उनके हालिया घरेलू प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने पिछले शेफील्ड शील्ड सीजन में बतौर सलामी बल्लेबाज प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। रेनशॉ ने 10 पारियों में तीन शतक लगाए और लगभग 50 की औसत से रन बनाए। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। रेनशॉ के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का भी पर्याप्त अनुभव है। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक 14 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने शीर्ष क्रम के साथ-साथ मध्य क्रम में भी बल्लेबाजी की है।

रेनशॉ ने अपना आखिरी टेस्ट मैच भारत के खिलाफ नई दिल्ली में खेला था। यह मुकाबला करीब तीन साल पहले हुआ था। उस समय उन्हें मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने का मौका मिला था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे थे।

क्या दूसरे टेस्ट में ओपनिंग करेंगे रेनशॉ?

रेनशॉ को टीम में शामिल किए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें सीधे प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी और अगर मिलती है तो वह किस क्रम पर बल्लेबाजी करेंगे। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए रेनशॉ के ट्रेविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। टीम प्रबंधन के सामने सलामी जोड़ी को स्थिर करने की चुनौती होगी, खासकर पहले टेस्ट में वेदराल्ड के कमजोर प्रदर्शन के बाद।

हालांकि, रेनशॉ के अलावा जोश इंग्लिस भी टीम में मौजूद हैं और वह इस स्थान के दावेदार हो सकते हैं। इंग्लिस आमतौर पर घरेलू क्रिकेट में मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने पारी की शुरुआत भी की है। चयनकर्ताओं ने उन्हें शीर्ष तीन में बल्लेबाजी करने वाले विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पास दूसरे टेस्ट से पहले बल्लेबाजी संयोजन को लेकर एक अहम फैसला लेने का विकल्प मौजूद है।

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