अयोध्या राम मंदिर में दान की गई चार किलो चांदी की ईंट को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने ईंट का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, उसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर में दान की गई चार किलोग्राम चांदी की ईंट को लेकर नया विवाद सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) के उत्तर प्रदेश प्रमुख ने आरोप लगाया है कि वर्षों बाद भी ईंट की रसीद और उसके उपयोग की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चांदी की ईंट के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
अयोध्या राम मंदिर में दान की गई चार किलोग्राम चांदी की ईंट को लेकर नया विवाद सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) के उत्तर प्रदेश प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 में पार्टी की ओर से मंदिर निर्माण के लिए दान की गई चांदी की ईंट का आज तक कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका कहना है कि उस समय पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भी मंदिर ट्रस्ट को सौंपा था। इसके साथ हजारों शिवसैनिकों और साधु-संतों की मौजूदगी में चार किलो वजनी चांदी की ईंट भी भेंट की गई थी। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो दान की आधिकारिक रसीद मिली और न ही यह जानकारी दी गई कि ईंट को किस उद्देश्य से उपयोग में लाया गया।
अनिल सिंह का कहना है कि यदि मंदिर ट्रस्ट के पास इस दान का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि श्रद्धालुओं और संगठनों द्वारा मंदिर को दिए गए दान का पारदर्शी लेखा-जोखा होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या भ्रम पैदा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इतने वर्षों तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
शिवसेना (यूबीटी) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ठाकुर अनिल सिंह ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि यदि चांदी की ईंट का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो उसकी वर्तमान स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अभिलेखों की पड़ताल करने, ईंट कहां रखी गई है या उसका किस प्रकार उपयोग हुआ है, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों में मिलने वाले दान का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। पार्टी का दावा है कि यह केवल एक चांदी की ईंट का मामला नहीं, बल्कि दान से जुड़े रिकॉर्ड की पारदर्शिता का मुद्दा है।
पुलिस का बयान और मौजूदा स्थिति
इस मामले पर सरोजनीनगर थाना पुलिस का कहना है कि अब तक उनके पास कोई औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। थाना प्रभारी राजदेव राम प्रजापति के अनुसार यदि कोई लिखित तहरीर दी जाती है तो नियमानुसार उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस स्तर पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
वहीं, चार किलो चांदी की ईंट चोरी होने के दावे की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल मामला शिवसेना (यूबीटी) द्वारा लगाए गए आरोपों और जांच की मांग तक सीमित है। यदि संबंधित पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज होती है या ट्रस्ट की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में इस पूरे मामले में जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना ही आगे की कार्रवाई तय करेगा।











