केतन अग्रवाल हत्याकांड: जांच में खुली साजिश की परतें, ‘कोडवर्ड’ से रची गई हत्या की योजना

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में साजिश को कोडवर्ड के जरिए अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।

कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर दिख रही एक परफेक्ट लव स्टोरी के पीछे रची गई गहरी साजिश से हर कोई हैरान है।

पुणे: कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में बड़ी प्रगति का दावा किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार यह मामला अब एक दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से रची गई सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आ रहा है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ में मिले सुरागों ने इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है।

इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सिया गोयल और चेतन चौधरी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस जांच के अनुसार, सोशल मीडिया पर दिखने वाली एक “परफेक्ट लव स्टोरी” के पीछे एक गहरी और योजनाबद्ध साजिश छिपी हुई थी, जिसने सभी को चौंका दिया है।

‘कोडवर्ड’ से रची गई हत्या की योजना

पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा कथित ‘कोडवर्ड’ को लेकर हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने वारदात को अंजाम देने से पहले एक संकेत प्रणाली तय की थी। कथित योजना के अनुसार, जैसे ही सिया एक विशेष तरीके से झुकती, वह संकेत होता कि चेतन को हमला करना है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि यह योजना 18 जून को अंतिम रूप दी गई थी, जब दोनों आरोपियों ने केतन अग्रवाल को एक सुनसान स्थान पर ले जाने की साजिश रची।

कैसे हुई कथित वारदात?

पुलिस के अनुसार, घटना स्थल विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान चट्टान क्षेत्र था, जहां तीनों पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर पुलिस का दावा है कि चेतन चौधरी पीड़ित और सिया के पीछे-पीछे चल रहा था। जैसे ही कथित संकेत मिला, चेतन ने पीछे से केतन को धक्का दिया, जिससे वह चट्टान से नीचे गिर गया। इसके बाद दोनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए और बाद में इसे एक दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की गई।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह पहली कोशिश नहीं थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 14 जून को भी एक समान प्रयास किया गया था, जिसमें सिया ने कथित तौर पर केतन को धक्का दिया था, लेकिन वह पास के एक पेड़ को पकड़कर बच गया था। इस असफल प्रयास के बाद कथित रूप से 18 जून को दोबारा योजना बनाई गई, जो इस बार सफल रही।

डिजिटल सबूतों ने खोली परतें

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज की रही। लोहगढ़ किले और आसपास के कैमरों में तीनों को एक साथ देखा गया था, लेकिन एक संदिग्ध व्यक्ति लगातार उनके पीछे नजर आया। फुटेज में यह भी देखा गया कि एक हुडी पहने युवक लगातार दूरी बनाकर उनके पीछे चल रहा था और मौके पर संदिग्ध गतिविधि कर रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी डिजिटल ट्रेल ने पूरी साजिश को उजागर करने में मदद की।

जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए अपना निजी मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था और एक कर्मचारी का फोन लेकर घटनास्थल पर गया था। पुलिस अब उस कर्मचारी से भी पूछताछ कर रही है।

संबंध, विवाद और कथित साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच पहले से संपर्क था, जो एक कारोबारी बैठक के दौरान शुरू हुआ था। सिया बेकरी व्यवसाय से जुड़ी हैं, जबकि चेतन सूखे मेवे के कारोबार में शामिल है। जांचकर्ताओं का मानना है कि व्यक्तिगत संबंधों और आपसी तनाव ने इस कथित अपराध को जन्म दिया। हालांकि, पुलिस अभी सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर केतन और सिया की जोड़ी को एक आदर्श प्रेम कहानी के रूप में देखा जाता था। बर्थडे सेलिब्रेशन, सरप्राइज वीडियो और रोमांटिक पोस्ट्स ने इस रिश्ते की एक सकारात्मक छवि बनाई थी। लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इस डिजिटल इमेज के पीछे छिपी जटिल वास्तविकता को उजागर किया है।

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