अयोध्या में 29 जून को सरयू जयंती का पर्व भव्य और दिव्य तरीके से मनाया जाएगा। धार्मिक नगरी के घाटों पर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर मां सरयू की भव्य झांकी सजाई जाएगी और शाम को महाआरती का आयोजन होगा।
सरयू जयंती को लेकर संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। माना जाता है कि इस दिन सरयू नदी में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
घाटों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाने की तैयारी चल रही है। शाम के समय दीपों की रोशनी से पूरा सरयू तट जगमगाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, महाआरती में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
धार्मिक कार्यक्रमों के तहत भजन-कीर्तन, वेद मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना भी की जाएगी। कई संत और धार्मिक संगठन भी आयोजन में भाग लेंगे।
अयोध्या में सरयू जयंती को लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। घाटों पर पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी की विशेष व्यवस्था रहेगी।
आयोजकों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की जा रही है।
सरयू जयंती को लेकर सोशल मीडिया पर भी उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग आयोजन से जुड़े पोस्टर, वीडियो और धार्मिक संदेश साझा कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां सरयू को पवित्र और मोक्षदायिनी नदी माना जाता है। रामनगरी अयोध्या की पहचान भी सरयू नदी से जुड़ी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
फिलहाल घाटों पर तैयारियां तेजी से जारी हैं और श्रद्धालुओं को भव्य आयोजन का इंतजार है।










