नवनीत राणा, महाराष्ट्र बीजेपी की फायरब्रांड नेता, ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बना रहे हुमायूं कबीर को उन्होंने सीधी चेतावनी दे दी।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र बीजेपी की फायरब्रांड नेता नवनीत राणा ने इस मामले में हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं, उन्हें हिंदुस्तान में अपनी कब्र के लिए जगह भी नहीं मिलेगी।
नवनीत राणा का बयान
नवनीत राणा ने मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा,
'हमारे महाराज जी कहते हैं कि संतों की माला के साथ हाथों में भाला होना भी जरूरी है। मैं महाराष्ट्र की बेटी हूं और माला के साथ तलवार लेकर भी मैदान में उतरी हूं। जो लोग कहते हैं बाबरी बनाएंगे हम बंगाल में, उन्हें कहना चाहती हूं कि याद रखना, हिंदुस्तान में तुम्हारे लिए कब्र की जगह भी नहीं मिलेगी।'
राणा ने आगे कहा कि हिंदू की ताकत का अनुभव वे मौके पर खुद बताएंगी। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल की सियासी और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच में एक नया बहस का मुद्दा बन गया है।

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर विवाद पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ। 6 दिसंबर 2025 को तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में इस मस्जिद की नींव रखी। 11 फरवरी 2026 को हुमायूं कबीर के नेतृत्व में मस्जिद के निर्माण का काम शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट 11 एकड़ जमीन पर तैयार किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 50 से 55 करोड़ रुपये होगी। यह मस्जिद एक साथ 12,000 लोगों के लिए नमाज की सुविधा प्रदान करेगी।
हुमायूं कबीर ने यह प्रोजेक्ट अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के बैनर तले शुरू किया है। इसके प्रचार के लिए उन्होंने बाबरी यात्रा भी आयोजित की, जो विवाद को और बढ़ावा दे रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र से भाजपा नेता नवनीत राणा की चेतावनी ने इस विवाद को और गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की आगामी चुनावी राजनीति में भी अहम भूमिका निभा सकता है। धार्मिक और सांप्रदायिक भावनाओं के बीच यह विवाद समाज में तनाव पैदा कर सकता है।
हुमायूं कबीर का दावा है कि यह मस्जिद धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वहीं नवनीत राणा ने इसे हिंदू धर्म और सुरक्षा के नजरिए से चुनौती माना। राणा ने कहा कि वे हिंदू शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए मैदान में उतरेंगी और बाबरी मस्जिद निर्माण की कोशिशों को किसी भी हाल में रोकेंगी।











