बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच दबाव बरकरार: सेंसेक्स 252 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 से नीचे फिसला

आज शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 252 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,100 के नीचे फिसल गया। जानिए बाजार गिरावट के कारण और

BSE Sensex में आज, मंगलवार को दबाव देखने को मिला और यह 251.61 अंकों की गिरावट के साथ 77,017.79 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 86.50 अंक टूटकर 24,032.80 पर बंद हुआ।

बिजनेस न्यूज़: घरेलू शेयर बाजार में आज, मंगलवार को एक बार फिर अस्थिरता का माहौल देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद कुछ समय के लिए रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन अंत में बाजार दबाव में ही बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 251.61 अंक की गिरावट के साथ 77,017.79 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 86.50 अंक टूटकर 24,032.80 पर आ गया।

दिन के दौरान एक समय सेंसेक्स में करीब 750 अंकों की तेज गिरावट देखने को मिली थी, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई थी। हालांकि, बाद में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी लौटने से बाजार ने कुछ हद तक नुकसान की भरपाई की।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रिकवरी, लेकिन सेंटीमेंट कमजोर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की रिकवरी देखने को मिली। कई चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार में कुछ समय के लिए सकारात्मक माहौल बना, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आज के कारोबारी सत्र में लगभग 1,890 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 2,110 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जो बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है।

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार पर कई वैश्विक और आर्थिक कारकों का दबाव देखा गया, जिनका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और हमलों की खबरों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें फिर से 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का कारण बनती है, क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है। रुपये में कमजोरी: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.43 तक गिर गया। 

मंगलवार को इसमें 20 पैसे की और गिरावट दर्ज की गई। रुपये की कमजोरी ने विदेशी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला, हालांकि कुछ सेक्टर्स में सीमित खरीदारी जारी रही। बैंकिंग, आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में उतार-चढ़ाव रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक नियंत्रित किया, लेकिन प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ही बंद हुए।

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