बैंकॉक में बाढ़ से हालात बिगड़े, 50 जिलों में इमरजेंसी; सड़कें बनीं दरिया, PM अनुटिन लंदन दौरा छोड़कर लौटे

बैंकॉक में भारी बारिश के बाद बाढ़ से हालात बिगड़े हैं। 50 जिलों में इमरजेंसी घोषित है, 4,200 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं और PM अनुटिन लौट आए।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारी बारिश के बाद बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं। 50 जिलों में इमरजेंसी घोषित की गई है। सड़कें जलमग्न हैं, 4,200 से अधिक लोग राहत शिविरों में पहुंचे और प्रधानमंत्री अनुटिन लंदन से लौट आए।

बैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, गाड़ियां आधी से ज्यादा जलमग्न हो गईं और सार्वजनिक बसों में भी पानी घुस गया। कई इलाकों में लोगों को घुटनों और कमर तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में सड़कों पर पानी के बीच लोगों को मोटरसाइकिल धकेलते और कारों को पानी में फंसा हुआ देखा जा सकता है। कुछ इलाकों में बाढ़ के पानी में सांप भी दिखाई दिए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

बैंकॉक प्रशासन ने शहर के सभी 50 जिलों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

कमर तक पानी में चलने को मजबूर लोग

बैंकॉक के पूर्वी हिस्सों में कई इलाकों में पानी सड़कों और गलियों में तेजी से भर गया है। स्थानीय लोगों को कई जगह घुटनों से लेकर कमर तक पानी में चलते हुए देखा गया।

बाढ़ के कारण कई वाहन रास्तों में फंस गए। कुछ लोग अपनी मोटरसाइकिलों को पानी से बाहर निकालने के लिए उन्हें धक्का देते नजर आए। वहीं, कुछ सड़कों पर कारें लगभग आधी डूब गईं।

प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित सड़कों पर जाने से बचना चाहिए।

बाढ़ का असर रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखाई दे रहा है। कुछ दुकानों में आवश्यक सामान की कमी की जानकारी सामने आई है। लोग खाने-पीने और जरूरी वस्तुओं की खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बैंकॉक में सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी पानी भरी सड़कों से गुजरने में परेशानी हो रही है।

बाढ़ के कारण कुछ क्षेत्रों में लोगों को अपने घरों और दुकानों तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। प्रशासन राहत और जल निकासी के काम को तेज करने में जुटा है।

4,200 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में

बैंकॉक प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 233 अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में करीब 4,200 लोग शरण ले चुके हैं।

राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ जरूरी सहायता देने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।

जिन इलाकों में पानी का स्तर अधिक है, वहां बचाव और राहत टीमों को सक्रिय किया गया है। स्थानीय प्रशासन जलभराव कम करने और प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।

PM अनुटिन ने लंदन दौरा बीच में छोड़ा

बैंकॉक में बाढ़ संकट गहराने के बीच थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नविराकुल ने अपना लंदन दौरा बीच में छोड़कर देश लौटने का फैसला किया।

प्रधानमंत्री की वापसी का उद्देश्य राजधानी में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की निगरानी करना बताया गया है। सरकार की ओर से प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक तैयारियों और राहत व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।

बैंकॉक में आपातकालीन स्थिति घोषित किए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन को बाढ़ से निपटने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी पड़ रही है।

थाईलैंड के 21 प्रांत भी प्रभावित

बैंकॉक के अलावा थाईलैंड के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। थाईलैंड के आपदा रोकथाम और राहत विभाग के अनुसार, शनिवार को देश के 21 प्रांतों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए थे।

मौसम विभाग ने रविवार को थाईलैंड के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इससे कई नदियों और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका है।

अधिकारियों के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में बारिश कम होने के बाद जल निकासी का काम तेज कर दिया गया है। यदि उन इलाकों में नई बारिश नहीं होती है, तो पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अभी स्थिति को लेकर सतर्क है।

सितंबर में सामान्य से करीब दोगुनी बारिश

बैंकॉक में इस बार सितंबर के दौरान बारिश सामान्य से काफी अधिक रही है। बैंकॉक के ड्रेनेज और सीवरेज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 25 सितंबर के बीच राजधानी में 487 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इसके मुकाबले 1991 से 2020 के बीच इसी अवधि में औसत बारिश करीब 269 मिलीमीटर रही थी। यानी इस अवधि में दर्ज बारिश सामान्य औसत से काफी अधिक है।

बैंकॉक में सितंबर आमतौर पर बारिश के मौसम का चरम माना जाता है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार बारिश की अवधि और जलभराव ने सामान्य स्थिति की तुलना में अधिक परेशानी पैदा की है।

लगातार बारिश के कारण शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पा रहा, जिसके कारण सड़कों पर लंबे समय तक जलभराव बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने बताया असामान्य अनुभव

बैंकॉक के 63 वर्षीय निवासी अनुटिन मीचामनान ने इस बार की बारिश और बाढ़ की स्थिति को असामान्य बताया।

उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने पहले ऐसी स्थिति नहीं देखी। उनके मुताबिक, कई दिनों तक लगातार बारिश होती रही, जिससे जलभराव बढ़ता गया।

स्थानीय लोगों की चिंताएं सिर्फ यातायात और आवागमन तक सीमित नहीं हैं। बाढ़ के पानी में सांप दिखाई देने की खबरों और तस्वीरों ने भी लोगों को सतर्क कर दिया है।

जल निकासी पर प्रशासन की नजर

बैंकॉक प्रशासन अब जल निकासी व्यवस्था को सामान्य करने पर ध्यान दे रहा है। कुछ क्षेत्रों में बारिश कम होने के बाद पानी निकालने का काम तेज किया गया है।

हालांकि, आने वाले घंटों में बारिश की स्थिति इस अभियान की गति को प्रभावित कर सकती है। यदि भारी बारिश जारी रहती है, तो पहले से जलभराव वाले इलाकों में पानी का स्तर फिर बढ़ सकता है।

शहर के सभी 50 जिलों में आपातकालीन स्थिति लागू होने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और बाढ़ के पानी को तेजी से निकालना है।

मौसम की चेतावनी के बीच राहत अभियान जारी

मौसम विभाग की ओर से 27 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी के कारण बैंकॉक और थाईलैंड के अन्य प्रभावित हिस्सों में प्रशासन अलर्ट पर है।

फिलहाल राहत शिविरों में हजारों लोग मौजूद हैं, जबकि बचाव और जल निकासी दल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। प्रशासन लोगों से आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने और जलभराव वाली सड़कों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

बैंकॉक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि सितंबर की भारी बारिश ने राजधानी की जल निकासी व्यवस्था पर कितना दबाव डाला है। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता और जल निकासी की गति यह तय करेगी कि शहर में स्थिति कितनी जल्दी सामान्य हो पाती है।

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