Bansuri Swaraj ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा- ‘पितृसत्ता खत्म करनी है तो पूरा वंदे मातरम गाइए’

Bansuri Swaraj ने राहुल गांधी के ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने की चुनौती दी। इस बयान के बाद बीजेपी और

राहुल गांधी के ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ यानी पितृसत्ता को खत्म करने वाले बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनौती दी कि अगर वह वास्तव में पितृसत्ता के खिलाफ हैं तो पूरा ‘वंदे मातरम’ गाकर दिखाएं।

Bansuri Swaraj vs Supriya Shrinate: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘Smash the Patriarchy’ यानी पितृसत्ता खत्म करने वाले अभियान को लेकर भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्हें पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने की चुनौती दी। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने तीखा पलटवार किया और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां महिलाओं के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाती हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन और इसके सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर पहले भी तीखी बयानबाजी देखने को मिल चुकी है।

बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के ‘Smash the Patriarchy’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि वह पितृसत्ता को खत्म करने की सोच से सहमत हैं, लेकिन कांग्रेस नेता को यह विचार अपनी पार्टी में भी लागू करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ हैं, तो उन्हें पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाना चाहिए।

बांसुरी ने कहा कि उन्हें क्रिसमस के मौके पर कैरल गाने में कोई आपत्ति नहीं है। इसी तरह वह पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने और ‘शिव तांडव’ का पाठ करने में भी सहज हैं। उन्होंने इसी आधार पर राहुल गांधी को पूरा राष्ट्रगीत गाने की चुनौती दी।

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पर निशाना

बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम’ के केवल कुछ हिस्सों को स्वीकार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ के समान सम्मान देने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस इस दृष्टिकोण से सहमत नहीं है। बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम’ के उन हिस्सों से दूरी बनाती है, जिनमें मातृभूमि को देवी के रूप में चित्रित किया गया है। 

उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और उसके राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए। हालांकि, बांसुरी के बयान का मुख्य राजनीतिक संदेश राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता विरोधी’ अभियान को राष्ट्रवाद और ‘वंदे मातरम’ की बहस से जोड़ना रहा।

सुप्रिया श्रीनेत ने किया पलटवार

Bansuri Swaraj ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा- ‘पितृसत्ता खत्म करनी है तो पूरा वंदे मातरम गाइए’

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बांसुरी स्वराज के बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बांसुरी के बयान को लेकर लिखा कि “You want to smash patriarchy - sing Vande Mataram.” इसके साथ ही उन्होंने इसे बेहद गैर-जरूरी टिप्पणी बताते हुए कहा कि ऐसी बातें महिलाओं की वास्तविक समस्याओं को कमजोर करती हैं।

सुप्रिया श्रीनेत के मुताबिक, महिलाएं रोजाना भेदभाव, पुरुषवादी सोच और असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करती हैं। ऐसे में पितृसत्ता के मुद्दे को ‘वंदे मातरम’ के गायन से जोड़ना महिलाओं के सामने मौजूद वास्तविक सवालों से ध्यान हटाने जैसा है। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में बांसुरी स्वराज पर व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी करते हुए लिखा, “And this lady is an MP!” यानी “और यह महिला खुद एक सांसद हैं।”

राहुल गांधी के बयान से शुरू हुई बहस

राहुल गांधी लंबे समय से लैंगिक समानता और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनके ‘Smash the Patriarchy’ संदेश का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ सामाजिक भेदभाव और पुरुष प्रधान मानसिकता पर सवाल उठाना है। बांसुरी स्वराज ने इसी संदेश को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल नारे देने से बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कांग्रेस नेता से यह भी सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी और राजनीतिक संगठन के भीतर भी समान सोच को लागू करते हैं।

उन्होंने राहुल गांधी पर सकारात्मक एजेंडा और स्पष्ट विजन की कमी का आरोप भी लगाया। बीजेपी सांसद ने दावा किया कि राहुल अक्सर अपनी रिसर्च टीम से मिली जानकारी को दोहराते हैं और इससे युवाओं तथा मतदाताओं को भ्रमित किया जाता है।

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