अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के पिकअप और ट्रक की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई। पिकअप पलटने से पीछे सो रहे युवक नीचे दब गए। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में सिरमौर पुलिया के पास सुबह करीब 4 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार, मेरठ से पौधे लेकर राजगढ़ जा रही पिकअप एक ट्रक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन के पिछले हिस्से में सो रहे तीन युवक उसके नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मेरठ से पौधे लेकर अलवर जा रहे थे युवक
पुलिस के मुताबिक, पिकअप में कुल पांच युवक सवार थे और सभी उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले थे। वे पौधे लगाने और नर्सरी से जुड़े काम करते थे। बताया गया कि मेरठ में उनकी नर्सरी है और उन्हें अलवर जिले के राजगढ़ स्थित एक फार्म हाउस में पौधे लगाने का काम मिला था।
इसी काम के सिलसिले में पांचों युवक शुक्रवार रात मेरठ से अलवर के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान तीन युवक पिकअप के पिछले हिस्से में सो रहे थे, जबकि चालक और एक अन्य युवक आगे केबिन में बैठे थे।
शनिवार तड़के करीब 4 बजे गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में सिरमौर पुलिया के पास उनकी पिकअप हादसे का शिकार हो गई।
ट्रक से टकराने के बाद डिवाइडर से भिड़ी पिकअप
घायल पिकअप चालक उजैर के अनुसार, वाहन का अगला हिस्सा एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर के बाद पिकअप चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे मौजूद डिवाइडर से जा भिड़ी।
पुलिस के मुताबिक, वाहन की गति अधिक होने की आशंका है। टक्कर के बाद पिकअप पलट गई और घिसटते हुए सड़क के दूसरी तरफ चली गई। हादसा इतना गंभीर था कि पीछे सो रहे तीन युवक वाहन के नीचे दब गए।
दुर्घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पीछे सो रहे तीन युवकों की मौके पर मौत
हादसे में शाहदाव, सबाहत और अफसर की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, शाहदाव की उम्र 45 वर्ष, सबाहत की 25 वर्ष और अफसर की 22 वर्ष थी।
तीनों पिकअप के पिछले हिस्से में सो रहे थे। वाहन के पलटने के बाद वे उसके नीचे दब गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और उन्हें गोविंदगढ़ बुलाया गया।
दो युवक घायल, अस्पताल में उपचार जारी
पिकअप में सवार अन्य दो युवकों को भी हादसे में चोटें आई हैं। दोनों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौदामेव ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों की जांच और उपचार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों घायल फिलहाल ठीक बताए जा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है।
घायलों ने बताया कि दुर्घटना के कुछ ही मिनटों बाद उन्हें मदद मिल गई थी। हालांकि, पीछे फंसे उनके तीन साथियों को बाहर निकालने में समय लगा और तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पांच बच्चों का पिता था शाहदाव
हादसे में जान गंवाने वाले 45 वर्षीय शाहदाव के परिवार पर इस घटना का सबसे गहरा असर पड़ा है। बताया गया कि वह पांच बच्चों के पिता थे और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।
वहीं, मृतक सबाहत और अफसर की शादी नहीं हुई थी। तीनों युवक अपने काम के सिलसिले में मेरठ से राजस्थान आए थे। उनका उद्देश्य राजगढ़ के एक फार्म हाउस में पौधे लगाने का काम पूरा करना था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
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परिजनों को जब हादसे की जानकारी मिली तो वे गोविंदगढ़ पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
गोविंदगढ़ पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की एक संभावित वजह मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिकअप किस गति से चल रही थी और ट्रक से टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, हादसे के बाद वाहन किस तरह डिवाइडर से टकराया और पलटने के बाद कितनी दूरी तक घिसटा, इसकी भी जांच की जा रही है।
घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। हादसे में शामिल ट्रक और पिकअप से संबंधित जानकारी भी जांच का हिस्सा है।
एएसआई कुंवर सिंह ने दी जानकारी
एएसआई कुंवर सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मौके पर राहत कार्य शुरू किया गया और घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौदामेव भेजा गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को गोविंदगढ़ मोर्चरी में रखवाया। मृतकों के परिवारों को सूचना देकर उन्हें गोविंदगढ़ बुलाया गया है।
पुलिस अब हादसे से जुड़े सभी तथ्यों को जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बढ़ी सुरक्षा की जरूरत
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे में शामिल है और इस पर तेज गति से वाहन चलते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा, निर्धारित गति सीमा और वाहन चालकों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से माल और कृषि संबंधी सामग्री लेकर चलने वाले छोटे वाहनों में यात्रियों के बैठने या सोने की व्यवस्था भी दुर्घटना की स्थिति में जोखिम बढ़ा सकती है।
पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि पिकअप में यात्रियों की स्थिति और वाहन की गति ने हादसे की गंभीरता को किस हद तक प्रभावित किया।
एक दिन पहले भी एक्सप्रेसवे पर तीन मौतें
इस हादसे से एक दिन पहले, शुक्रवार 28 अगस्त को दौसा जिले में भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। लगातार हादसों के कारण एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
हालांकि, अलग-अलग दुर्घटनाओं के कारण अलग हो सकते हैं और प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग की जाती है। अलवर के गोविंदगढ़ में हुई इस दुर्घटना में पुलिस फिलहाल तेज गति को संभावित कारण मानकर जांच कर रही है।
परिवारों में पसरा मातम
तीन युवकों की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिवारों में मातम छा गया। शाहदाव के पीछे पांच बच्चे हैं, जबकि सबाहत और अफसर के परिवार भी इस अचानक हुई मौत से सदमे में हैं।
तीनों युवक रोजगार के सिलसिले में मेरठ से राजस्थान जा रहे थे। उन्हें राजगढ़ के फार्म हाउस में पौधे लगाने का काम करना था। लेकिन शनिवार सुबह हुई दुर्घटना ने उनके परिवारों की जिंदगी बदल दी।
फिलहाल पुलिस शवों की पोस्टमार्टम प्रक्रिया और अन्य कानूनी कार्रवाई में जुटी है। वहीं, दोनों घायल युवकों का अस्पताल में इलाज जारी है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे में किस स्तर की लापरवाही या अन्य परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।








