बारामती उपचुनाव में संजय राउत ने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जीत दिलाने का दबाव किसी पर नहीं डाला जाएगा। निर्णय महाविकास अघाड़ी की साझा रणनीति और विचार विमर्श के बाद लिया जाएगा। उपचुनाव 23 अप्रैल 2026 को होगा।
Baramati Bye Election: महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार इस सीट से नामांकन दाखिल करेंगी। इस उपचुनाव में उन्हें निर्विरोध जीत दिलाने के प्रयास की खबरें सामने आई थीं। शनिवार को यह खबर आई थी कि सुनेत्रा पवार ने इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की थी।
संजय राउत ने किया स्पष्ट इन्कार
उद्धव गुट के नेता और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बारामती उपचुनाव पर निर्विरोध का आग्रह किसी भी हालत में उनके ऊपर थोपा नहीं जा सकता। राउत ने जोर देकर कहा कि यह जनता के साथ अन्याय होगा और महाविकास अघाड़ी में इस पर सभी तीन पार्टियों के बीच चर्चा की जाएगी।
संजय राउत ने आगे कहा कि निर्णय पूरी तरह महाविकास अघाड़ी द्वारा किया जाएगा और सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी के अंदर पर्याप्त सूझबूझ और अनुभव है और पार्टी जानती है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है।

अजित पवार के निधन का असर
संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के एक सम्मानित नेता थे और उनके अचानक निधन से राज्य में शोक और सदमा है। उनके निधन के बाद बारामती उपचुनाव को लेकर तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। इस सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल को होने वाला है।
सुनेत्रा पवार ने उद्धव ठाकरे से की चर्चा
सूत्रों के अनुसार उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और बारामती उपचुनाव को लेकर चर्चा की। इस घटनाक्रम की पुष्टि शिवसेना (यूबीटी) के सचिव और विधान परिषद सदस्य मिलिंद नार्वेकर और पार्टी नेता संजय राउत ने की।
संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे इस मामले पर जल्द ही एक संवाददाता सम्मेलन करेंगे और अपने निर्णय की घोषणा करेंगे। सूत्रों के अनुसार ठाकरे, दिवंगत अजित पवार और पवार परिवार के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए सुनेत्रा पवार को अपना समर्थन देने के लिए अनिच्छुक नहीं थे।








