महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव 2026 को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच Sunetra Pawar ने चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए एक अहम संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके काम का मूल्यांकन उनके जेंडर के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उनके कार्य और क्षमता के आधार पर होना चाहिए।
मुंबई: Sunetra Pawar ने बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए यह संकल्प जताया कि वह अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके काम का मूल्यांकन उनके महिला होने के आधार पर नहीं, बल्कि उनके कार्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
अभियान की शुरुआत उन्होंने कन्हेरी गांव के एक मंदिर में हनुमान जी के दर्शन कर पारंपरिक तरीके से की, जो इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार शुरू करने की एक स्थापित परंपरा रही है।
मंदिर दर्शन के साथ चुनावी अभियान की शुरुआत

सुनेत्रा पवार ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत कन्हेरी गांव के एक मंदिर में दर्शन के साथ की। यह परंपरा उनके दिवंगत पति Ajit Pawar भी निभाते थे। इस प्रतीकात्मक शुरुआत के जरिए उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को उनकी विरासत से जोड़ने का संदेश दिया। अपने संबोधन में सुनेत्रा पवार ने स्वीकार किया कि शुरुआत में लोगों के मन में यह सवाल था कि क्या वह एक महिला होने के नाते इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभा पाएंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पति के आशीर्वाद और बारामती की जनता के समर्थन से इस चुनौती का सामना करने की शक्ति मिली।
उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि अजित पवार अपने अंतिम समय तक जनता के काम में लगे रहे। उनके अनुसार, दुर्घटना स्थल पर मिले दस्तावेज इस बात का प्रमाण हैं कि वे आखिरी सांस तक अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित थे।
अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
सुनेत्रा पवार ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा ही उनकी सबसे बड़ी विचारधारा थी और वे हमेशा जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में लागू की गई “लाडकी बहिन योजना” महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता दी जाती है।
सुनेत्रा पवार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वह ऐसे परिवार से आती हैं, जिसने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला नेता का मूल्यांकन केवल उसके जेंडर के आधार पर नहीं होना चाहिए। उनका यह बयान न केवल स्थानीय राजनीति बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता की बहस को मजबूत करता है।
चुनावी एजेंडे को स्पष्ट करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि वह बारामती क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने खासतौर पर पानी की समस्या को प्राथमिकता दी और आश्वासन दिया कि तहसील के 33 गांवों में जल संकट का समाधान किया जाएगा। बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल 2026 को होने वाला है। यह चुनाव Ajit Pawar के निधन के बाद आवश्यक हो गया, जिनका इस वर्ष जनवरी में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।









