महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने 23 अप्रैल को होने वाले बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
मुंबई: महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम और Sunetra Pawar ने 23 अप्रैल को होने वाले बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सुनेत्रा पवार ने अपने नामांकन के दौरान Sunil Tatkare, Prafulla Patel, Chhagan Bhujbal, Dhananjay Munde और Hasan Mushrif सहित पार्टी सहयोगियों का साथ लिया।
नामांकन के दौरान प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
सुनेत्रा पवार ने नामांकन दाखिल करने के लिए सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुशरिफ के साथ पहुंचीं। इसके अलावा, शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, तथा भाजपा नेता और राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद थे। एनसीपी, भाजपा और शिवसेना मिलकर महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति का हिस्सा हैं।
इस मौके पर सुनेत्रा पवार ने बारामती की जनता से भावुक अपील की कि वे उन्हें उसी तरह समर्थन दें, जैसा उन्होंने हमेशा उनके दिवंगत पति अजित पवार को दिया।

अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
सुनेत्रा पवार ने कहा, "हम विकास की उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अजित पवार का निधन न केवल हमारे परिवार के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए बड़ा नुकसान है। बारामती का हर हिस्सा अजित दादा की छाप लिए हुए है। अपने दुख के बावजूद मैंने जनता के बीच आने का फैसला किया है।"उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने हमेशा अजित पवार को रिकॉर्ड मतों से जिताया है और यह पहला चुनाव है जिसमें वह हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता उन्हें वही प्यार और समर्थन देगी।
सुनेत्रा पवार ने बारामती के विकास और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की भी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि शहर में महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और किसानों को खेतों के लिए पानी मुहैया कराया जाएगा।
कांग्रेस ने पेश किया उम्मीदवार
इस उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार बनाया है। चुनावी मुकाबला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह उपचुनाव दिवंगत अजित पवार की राजनीतिक विरासत और महायुति गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठाता है। बारामती उपचुनाव 23 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना 4 मई को होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह चुनाव न केवल पवार परिवार की सियासी पकड़ को परखने वाला है, बल्कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की स्थिरता के लिए भी अहम साबित होगा।











