बेंगलुरु में पति और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने कथित प्रेमी के साथ पति की हत्या की और वारदात देख चुके बेटे को भी मार दिया। पुलिस संपत्ति विवाद और साजिश की जांच कर रही है।
बेंगलुरु: कर्नाटक के बेंगलुरु में सामने आए दोहरे हत्याकांड ने जांच के दौरान नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला पर अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने और वारदात के गवाह बने अपने ही बेटे की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस अब मामले में हत्या की पूरी साजिश, मकसद और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पति की हत्या से शुरू हुआ मामला, बेटे की मौत ने बढ़ाया शक
पुलिस के मुताबिक, मामले की आरोपी महिला की पहचान हरिणी के रूप में हुई है, जबकि उसके कथित साथी का नाम विनय बताया गया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हरिणी के पति अभिनंदन की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि हत्या के दौरान दंपती का बेटा यदुवीर भी वहां मौजूद था। पुलिस को संदेह है कि बच्चे ने अपने पिता की हत्या होते देख ली थी। इसके बाद आरोपी महिला ने कथित तौर पर इस डर से बच्चे की भी हत्या कर दी कि वह घटना की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को दे सकता है।
इस खुलासे ने पूरे मामले को सामान्य पारिवारिक विवाद से कहीं अधिक गंभीर आपराधिक साजिश में बदल दिया है।
शवों को एक साथ रखकर कहानी बदलने की कोशिश का आरोप
पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, हत्या के बाद अभिनंदन और उसके बेटे यदुवीर के शवों को एक-दूसरे के ऊपर रखा गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि ऐसा करके घटनास्थल को इस तरह दिखाने की कोशिश की गई, जिससे शुरुआती तौर पर यह लगे कि अभिनंदन ने पहले अपने बेटे की हत्या की और बाद में खुदकुशी कर ली या उसकी भी हत्या कर दी गई।
हालांकि, घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसी बातें मिलीं जो इस कथित कहानी से मेल नहीं खा रही थीं। खून के निशान, कपड़ों की स्थिति और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों ने जांचकर्ताओं का ध्यान दूसरे संभावित घटनाक्रम की ओर खींचा।
खून से सने कपड़े धोने से भी बढ़ा संदेह
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खून के निशान वाले कुछ कपड़े कथित तौर पर धोकर सुखाने के लिए बाहर रखे गए थे। घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और कपड़ों से जुड़े साक्ष्यों ने जांचकर्ताओं के संदेह को और मजबूत किया।
जांचकर्ताओं ने घटनास्थल की परिस्थितियों को दोबारा समझने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में जोड़ा। इसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।
मामले की जांच में सामने आए विरोधाभासों के बाद पुलिस ने हरिणी से लंबी पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, उससे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने कथित तौर पर पति और बेटे की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की।
कथित प्रेमी विनय की भी भूमिका सामने आई
जांच के दौरान हरिणी और विनय के बीच कथित संबंध की जानकारी भी पुलिस के सामने आई। पुलिस का कहना है कि अभिनंदन और हरिणी के वैवाहिक संबंधों में लंबे समय से तनाव था और दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे।
बताया गया है कि कुछ समय के लिए हरिणी घर से अलग भी चली गई थी। हालांकि, बाद में दोनों ने फिर साथ रहना शुरू कर दिया। इसी दौरान हरिणी के कथित रूप से विनय के संपर्क में रहने की बात सामने आई।
परिवार के एक सदस्य जयम्मा ने पुलिस को बताया कि उन्हें पहले से हरिणी के व्यवहार को लेकर संदेह था। उन्होंने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि हरिणी को अक्सर फोन आते थे। परिवार में मतभेद होने के बावजूद मामले को सार्वजनिक नहीं किया गया, क्योंकि परिजन दंपती के बीच सुलह की उम्मीद कर रहे थे।
संपत्ति को लेकर भी जांच कर रही पुलिस
दोहरे हत्याकांड की जांच में संपत्ति का पहलू भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अभिनंदन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसके पास काफी मूल्य की संपत्ति थी।
जांच में कथित तौर पर सामने आया कि अभिनंदन के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति थी। इसमें चिक्काबनावारा इलाके में स्थित तीन मंजिला इमारत भी शामिल बताई गई है।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी पक्ष को इस संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने की उम्मीद थी। इसी संभावित आर्थिक मकसद के आधार पर जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची गई थी।
हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और अंतिम मकसद तथा पूरी साजिश की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वारदात के बाद विनय के फरार होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कथित हत्याओं के बाद विनय मौके से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। जांच टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसे पकड़ने की कार्रवाई की।
हरिणी को सोमवार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पुलिस विनय की भूमिका और दोनों आरोपियों के बीच हुई कथित बातचीत तथा हत्या की योजना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि हत्या की योजना कब बनाई गई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और वारदात के बाद घटनास्थल को बदलने की कोशिश कैसे की गई।
बच्चे की मौजूदगी बनी जांच की अहम कड़ी
इस मामले में यदुवीर की मौजूदगी जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक मानी जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि बच्चे ने अपने पिता की हत्या देखी थी और इसी वजह से उसे भी निशाना बनाया गया।
अगर जांच में यह आरोप साबित होता है, तो यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर हो जाता है क्योंकि कथित तौर पर बच्चे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया कि वह हत्या का गवाह था।
जांचकर्ता अब घटनाओं की समयरेखा तैयार कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि पहले अभिनंदन की हत्या कैसे हुई, उसके बाद यदुवीर को कब और किन परिस्थितियों में मारा गया और शवों को किस तरह व्यवस्थित किया गया।
पुलिस जुटा रही है सभी साक्ष्य
पुलिस ने मामले में घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों, खून के निशानों, कपड़ों और आरोपियों के बयानों की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा कथित तौर पर दोनों आरोपियों के बीच संबंध, पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का उद्देश्य शुरुआती तौर पर बनाई गई कहानी और वास्तविक घटनाक्रम के बीच अंतर को स्पष्ट करना है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हत्या के पीछे केवल पारिवारिक विवाद था या इसके साथ संपत्ति हासिल करने का आर्थिक उद्देश्य भी जुड़ा था।
आगे की जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
बेंगलुरु का यह मामला कई स्तरों पर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। एक ओर पति की हत्या का आरोप है, वहीं दूसरी ओर वारदात के कथित गवाह बच्चे की हत्या और घटनास्थल को बदलकर मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश का आरोप भी सामने आया है।
पुलिस अब गिरफ्तार हरिणी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। कथित प्रेमी विनय की भूमिका, संपत्ति से जुड़ा संभावित मकसद और हत्या की पूरी योजना की पुष्टि जांच के आगे बढ़ने के साथ होगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है और घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को साक्ष्यों के आधार पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।











