भद्राचलम में गोदावरी पर दूसरे पुल का निरीक्षण, मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव बोले- इसी महीने शुरू होगा यातायात

मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने भद्राचलम में गोदावरी नदी पर बन रहे दूसरे पुल का निरीक्षण किया। पुल इसी महीने शुरू होगा है, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी

तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने भद्राचलम में गोदावरी नदी पर बन रहे दूसरे पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पुल इसी महीने यातायात के लिए खोला जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और अंतरराज्यीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

हैदराबाद: तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने भद्राचलम में गोदावरी नदी पर निर्माणाधीन दूसरे पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्य को तय समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।मंत्री ने कहा कि यह पुल केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। उनके अनुसार, पुल के चालू होने से लाखों श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और अंतरराज्यीय यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

इसी महीने शुरू हो सकता है यातायात

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि दूसरे गोदावरी पुल पर यातायात इसी महीने शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि अंतिम चरण के कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। पुल के चालू होने के बाद भद्राचलम आने-जाने वाले लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

भद्राचलम राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ

भद्राचलम स्थित प्रसिद्ध श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंत्री ने कहा कि नया पुल विशेष रूप से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण अक्सर यातायात प्रभावित होता है। नया पुल इस दबाव को काफी हद तक कम करेगा।

गोदावरी पुष्करम जैसे आयोजनों में मिलेगी राहत

मंत्री ने वर्ष 2015 के गोदावरी पुष्करम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय केवल एक पुल होने के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। लाखों श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से यातायात व्यवस्था पर काफी दबाव पड़ा था। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले गोदावरी पुष्करम से पहले यदि दूसरा पुल पूरी तरह चालू हो जाता है, तो श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का अहम हिस्सा

दूसरा गोदावरी पुल अमरावती से भद्राचलम होते हुए जगदलपुर तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। इसके पूरा होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है।

बाढ़ से सुरक्षा के लिए बनेगी रिटेनिंग वॉल

मंत्री ने बताया कि गोदावरी नदी में आने वाली बाढ़ के दौरान नदी किनारों के कटाव को रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह कदम पुल और आसपास के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के साथ-साथ भविष्य में संभावित क्षति को कम करने में मदद करेगा।

तीन राज्यों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

भद्राचलम रणनीतिक रूप से ऐसा क्षेत्र है, जहां से आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लिए सड़क संपर्क स्थापित होता है। मंत्री के अनुसार, दूसरा पुल बनने से इन राज्यों के बीच यात्रा अधिक सुगम होगी। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

बुनियादी ढांचा विकास पर सरकार का जोर

तेलंगाना सरकार राज्य में सड़क, पुल और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचा न केवल यात्रा को आसान बनाता है, बल्कि निवेश, उद्योग और पर्यटन के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पुल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आपदा के समय वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

दूसरे गोदावरी पुल के चालू होने से भद्राचलम और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के परिवहन में समय और लागत दोनों कम हो सकते हैं। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन में वृद्धि से होटल, परिवहन, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

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