20 साल की उम्र में अधिकारी बनीं भागलपुर की पुनम! बैंककर्मी की बेटी ने पहले प्रयास में पाई सफलता, अब UPSC की तैयारी

शेखपुरा की पुनम ने 20 साल में पहले प्रयास में अधिकारी बनकर सफलता पाई। दिल्ली में तैयारी के बाद अब भागलपुर की पीरपैंती नगर पंचायत में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
20 साल की उम्र में अधिकारी बनीं भागलपुर की पुनम! बैंककर्मी की बेटी ने पहले प्रयास में पाई सफलता, अब UPSC की तैयारी
Photo Credit / Attribution: Google

बिहार के शेखपुरा जिले की बेटी पुनम कुमारी ने महज 20 साल की उम्र में सरकारी अधिकारी बनकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता आज के युवाओं खासकर जेन-जी के लिए प्रेरणा बन गई है। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक पद तक पहुंचने वाली पुनम ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बिहार सरकार की भर्ती परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की और अब भागलपुर जिले की नवगठित पीरपैंती नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी यानी ईओ के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

पुनम कुमारी मूल रूप से शेखपुरा जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता बैंक अधिकारी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल रहा जिसका लाभ पुनम को अपनी पढ़ाई के दौरान मिला। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और स्नातक तक की पढ़ाई शेखपुरा से ही पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। इसके लिए उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।

अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुनम दिल्ली पहुंचीं। वहां उन्होंने करीब एक साल तक रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। इस दौरान उन्होंने कोचिंग के साथ ऑनलाइन पढ़ाई का भी सहारा लिया। सीमित समय में परीक्षा की तैयारी पूरी करने के लिए उन्होंने नियमित अध्ययन और अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उन्होंने पढ़ाई के दौरान समय का बेहतर इस्तेमाल किया और अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया।

पुनम की मेहनत का परिणाम तब सामने आया जब उन्होंने बिहार सरकार की भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी का पद प्राप्त किया। महज 20 साल की उम्र में इस पद तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि सही लक्ष्य और लगातार मेहनत के साथ कम उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी हासिल की जा सकती है।

वर्तमान में पुनम भागलपुर जिले की पीरपैंती नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में काम कर रही हैं। नगर पंचायत के प्रशासनिक कामकाज और विकास से जुड़ी जिम्मेदारियों के बीच उन्हें अपने पद के अनुरूप काम करना पड़ रहा है। इतनी कम उम्र में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालना उनके लिए नया अनुभव है। इस उपलब्धि के साथ वह अपने क्षेत्र और परिवार का नाम भी रोशन कर रही हैं।

हालांकि पुनम के लिए अधिकारी बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी है। उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। कार्यालय की जिम्मेदारियों और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वह इसके लिए लगातार अध्ययन कर रही हैं। उनका मानना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और जीवन में आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई जारी रखना जरूरी है।

पुनम की कहानी उन युवाओं के लिए खास संदेश देती है जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने दिखाया है कि सफलता के लिए बड़े शहर में जन्म लेना या किसी खास परिवेश से आना जरूरी नहीं है। लक्ष्य के प्रति समर्पण और नियमित मेहनत से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। शेखपुरा से दिल्ली तक का उनका सफर और फिर 20 साल की उम्र में भागलपुर में अधिकारी बनने की उपलब्धि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है।

Leave a comment