बिहार के नालंदा जिले में किसानों को सिंचाई की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू किया गया है। नगरनौसा प्रखंड के कछियावां गांव स्थित चिरारी स्थान के पास डोर नदी पर चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना पर 2 करोड़ 74 लाख 91 हजार रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। चेक डैम बनने से नगरनौसा और हिलसा प्रखंड के सात गांवों की करीब 9 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और कृषि कार्य पहले की तुलना में आसान हो सकता है।
फिलहाल कई इलाकों में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए बारिश और दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। खासकर रबी की फसल के दौरान पानी की कमी किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन जाती है। समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलों की वृद्धि और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा रहता है। डोर नदी पर चेक डैम बनने से नदी के पानी को रोककर उसका संचय किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर इसी पानी का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। इससे किसानों को पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
इस योजना का लाभ नगरनौसा और हिलसा प्रखंड के सात गांवों को मिलने वाला है। नगरनौसा प्रखंड के कछियावां महाल और दरियापुर के किसानों को इसका सीधा फायदा होगा। वहीं हिलसा प्रखंड के नदहा नदवर इंदौत पोषणडा महाल और मोमिनपुर के किसानों को भी सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इन गांवों की लगभग 9 हजार एकड़ कृषि भूमि को परियोजना के दायरे में रखा गया है। इतने बड़े कृषि क्षेत्र में पानी पहुंचने से किसानों को खरीफ और रबी दोनों मौसम की फसलों की खेती में सहायता मिल सकती है।
चेक डैम निर्माण से धान गेहूं और अन्य फसलों की सिंचाई आसान होने की संभावना है। खासकर उन किसानों को राहत मिल सकती है जिन्हें अभी खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए दूर के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। नदी में पानी का संचय होने से जरूरत के समय सिंचाई के लिए स्थानीय स्तर पर जल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे खेती की लागत कम करने और फसल उत्पादन बेहतर बनाने की संभावना भी जताई जा रही है।
लघु सिंचाई विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए 2 करोड़ 74 लाख 91 हजार रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। विभाग ने निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव टेंडर के लिए भेज दिया है। फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि निर्माण कार्य कब शुरू होगा और इसे कितने समय में पूरा किया जाएगा इसकी आधिकारिक समयसीमा अभी सामने नहीं आई है। परियोजना पूरी होने के बाद ही किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
डोर नदी पर चेक डैम निर्माण की मांग नगरनौसा प्रखंड के पूर्व प्रमुख और दरियापुर निवासी राजेश लाल ने उठाई थी। उन्होंने इस संबंध में बिहार सरकार के लघु सिंचाई विभाग पटना के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखकर चेक डैम बनवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद विभाग की ओर से योजना का आकलन किया गया और निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई।
स्थानीय किसानों को उम्मीद है कि यह योजना पूरी होने के बाद सिंचाई की समस्या काफी हद तक कम होगी। स्थानीय किसान अरविन्द प्रसाद के अनुसार चेक डैम बनने से खेती करना अधिक सुविधाजनक होगा और पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भरता घटेगी। समय पर खेतों तक पानी पहुंचने से फसलों की सिंचाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। इससे उत्पादन बढ़ने और खेती पर होने वाला खर्च कम होने की संभावना है। हालांकि परियोजना का वास्तविक असर निर्माण पूरा होने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
नालंदा के किसानों के लिए डोर नदी पर बनने वाला यह चेक डैम सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि योजना निर्धारित तरीके से पूरी होती है तो सात गांवों की करीब 9 हजार एकड़ जमीन को इसका लाभ मिल सकता है और किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।











