भागलपुर में बुधवार सुबह मौसम बादलों से घिरा रहा और रुक-रुककर बारिश होती रही। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार आज अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री के आसपास रह सकता है। गुरुवार को भी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं।
बारिश के कारण शहर के निचले हिस्सों में पानी जमा होने की समस्या सामने आई है। कई जगह सड़क और नाली का पानी एक साथ दिखाई देने लगा। जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बारिश अगर लगातार जारी रहती है तो जलजमाव वाले इलाकों में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
रातभर हुई बारिश के बाद सुबह ठंडी हवा चलने से मौसम पूरी तरह बदल गया। पिछले दिनों उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने राहत दी। हालांकि लगातार बादल छाए रहने और नमी बढ़ने से दिनभर मौसम सुहाना रहने की संभावना है। बारिश के बीच वाहन चालकों को भी सावधानी से सफर करने की जरूरत होगी, क्योंकि कई सड़कों पर पानी जमा होने से गड्ढे और सड़क की स्थिति साफ दिखाई नहीं दे सकती।
मौसम में बदलाव का असर केवल भागलपुर शहर तक सीमित नहीं है। बिहार के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार के साथ दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना है। भागलपुर, मुंगेर और बांका समेत आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने के आसार हैं।
भागलपुर के लिए बारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले के कई इलाकों में गंगा का जलस्तर पहले से सामान्य से ऊपर है। मौसम संबंधी ताजा चेतावनी के अनुसार कहलगांव में गंगा गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही है। बुधवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 31.69 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 31.09 मीटर से 0.60 मीटर ऊपर था। वहीं भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.24 मीटर दर्ज हुआ, जो चेतावनी स्तर से ऊपर लेकिन खतरे के निशान से नीचे था।
ऐसे में अगर अगले 24 से 48 घंटे के दौरान अच्छी बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलजमाव के साथ-साथ नदी किनारे के क्षेत्रों में भी परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि नदी के जलस्तर और बारिश के प्रभाव को अलग-अलग स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर देखा जाएगा।
बारिश के दौरान शहर के उन इलाकों में ज्यादा परेशानी हो सकती है जहां जलनिकासी की व्यवस्था पहले से कमजोर है। थोड़ी देर की तेज बारिश में भी कई जगह पानी सड़क पर जमा हो जाता है। अगर बारिश का सिलसिला लंबे समय तक चलता है तो पानी घरों और दुकानों के आसपास तक पहुंचने की आशंका रहती है।
मौसम विभाग ने बिहार में 2, 3 और 4 सितंबर को बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके बाद 5 और 6 सितंबर को गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनने की संभावना बताई गई है। मौसम में यह बदलाव गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से जुड़ा बताया गया है।
बारिश और वज्रपात को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाकर रखना जरूरी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी जाती है।
भागलपुर शहर में बारिश के बाद यातायात पर भी असर पड़ सकता है। जिन सड़कों पर पानी जमा है, वहां दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। तेज गति से वाहन चलाने पर पानी के कारण संतुलन बिगड़ने या सड़क के गड्ढे में वाहन जाने का खतरा रहता है।
फिलहाल बारिश ने भागलपुर के तापमान को जरूर नीचे किया है और लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली है, लेकिन अगले 48 घंटे मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच निचले इलाकों में जलजमाव और गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बिहार के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं।