राम जन्मभूमि परिसर में दुर्गा मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज: साध्वी ऋतंभरा ने ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि पर भी रखी बात

अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर स्थित दुर्गा मंदिर पर भगवा ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने ज्ञानवापी, कृष्ण जन्मभूमि और गौसंरक्षण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राम जन्मभूमि परिसर में दुर्गा मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज: साध्वी ऋतंभरा ने ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि पर भी रखी बात
Photo Credit / Attribution: Google

अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में स्थित दुर्गा मंदिर पर शनिवार को विधि-विधान के साथ भगवा ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में शामिल हुईं साध्वी ऋतंभरा ने संबोधन के दौरान कई धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश में सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों का भी समाधान निकलेगा।

अपने संबोधन में साध्वी ऋतंभरा ने गौसंरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा गौवंश के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गौवंश को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाएं चिंता का विषय हैं।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।

राम जन्मभूमि में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का क्रम भी लगातार जारी है, जिनमें देशभर से संत और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे वर्तमान में न्यायिक प्रक्रियाओं और कानूनी विमर्श का हिस्सा हैं। इन मामलों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालयों द्वारा ही किया जाना है। विभिन्न पक्ष समय-समय पर अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं।

कार्यक्रम के समापन पर संतों और धार्मिक नेताओं ने समाज में सद्भाव, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और धार्मिक आस्था के प्रति सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया। आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया।

Leave a comment