भारत को डेटा हब बनाने की तैयारी, Gautam Adani समूह Meta-Google के साथ साझेदारी की दिशा में बढ़ा आगे

गौतम अदाणी डेटा सेंटर सेक्टर में बड़ा विस्तार कर रहे हैं। Meta, Google और Flipkart से बातचीत जारी, 100 अरब डॉलर डिजिटल योजना से भारत को डेटा हब बनाने की तैयारी।

Gautam Adani समूह डेटा सेंटर कारोबार में विस्तार के लिए Meta Platforms और Google से बातचीत कर रहा है। यह कदम भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा।

Business News: भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर कारोबार में बड़ा विस्तार करने की तैयारी में हैं। अदाणी समूह अब अमेरिकी टेक कंपनियों के साथ साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, समूह Meta Platforms और Google जैसी दिग्गज कंपनियों से बातचीत कर रहा है।

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। डेटा सेंटर, AI और क्लाउड सेवाओं की जरूरत लगातार बढ़ने के कारण यह सेक्टर निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बन गया है।

100 अरब डॉलर की डिजिटल योजना का हिस्सा

अदाणी समूह की यह पहल उसकी 100 अरब डॉलर की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत कंपनी खुद को हाइपरस्केल डेटा सेंटर के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना चाहती है।

हाइपरस्केल डेटा सेंटर बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज के लिए बनाए जाते हैं, जो AI और क्लाउड सेवाओं के लिए बेहद जरूरी होते हैं। अदाणी समूह का लक्ष्य है कि वह इन डेटा सेंटर्स के लिए जमीन और नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) उपलब्ध कराए।

इस रणनीति से कंपनी न केवल डिजिटल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, बल्कि ग्रीन एनर्जी के साथ टेक्नोलॉजी को जोड़कर एक मजबूत बिजनेस मॉडल भी तैयार कर रही है।

Meta और Google से साझेदारी पर बातचीत

सूत्रों के अनुसार, अदाणी समूह Meta Platforms और Google के साथ डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को लेकर शुरुआती बातचीत कर रहा है। हालांकि अभी यह चर्चा प्रारंभिक चरण में है और किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। इन कंपनियों को बड़े स्तर पर डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की जरूरत होती है, खासकर AI और क्लाउड सर्विसेज के लिए। ऐसे में भारत जैसे बड़े बाजार में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना उनके लिए रणनीतिक रूप से अहम है।

Flipkart भी बातचीत में शामिल

रिपोर्ट के मुताबिक, Flipkart भी अदाणी समूह के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी देश के अलग-अलग राज्यों में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान तलाश रही है।

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डेटा सेंटर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि वे बड़े पैमाने पर यूजर डेटा और ट्रांजैक्शन को संभालते हैं। ऐसे में Flipkart का इस दिशा में कदम डिजिटल विस्तार की रणनीति को दिखाता है।

भारत बन रहा डेटा सेंटर हब

भारत की बड़ी भौगोलिक क्षमता और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था इसे डेटा सेंटर निवेश के लिए एक आकर्षक बाजार बना रही है। विदेशी टेक कंपनियां और निवेशक भारत में बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं। डिजिटल सेवाओं, इंटरनेट यूजर्स और AI आधारित एप्लिकेशन की बढ़ती मांग ने डेटा सेंटर की जरूरत को और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि भारत अब वैश्विक डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी तेज हो रही है। कुछ देशों ने संभावित अधिक आपूर्ति (oversupply) को लेकर चिंता भी जताई है, लेकिन भारत में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

2030 तक तेजी से बढ़ेगी क्षमता

KPMG की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक पांच गुना बढ़कर 8 गीगावॉट से अधिक हो सकती है। इस विस्तार के साथ 30 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आने की संभावना है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि आने वाले वर्षों में यह सेक्टर कितनी तेजी से बढ़ने वाला है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पहले से चल रही परियोजनाएं

अदाणी समूह का डेटा सेंटर कारोबार पहले से ही सक्रिय है। AdaniConneX, जो अदाणी एंटरप्राइजेज और EdgeConneX का संयुक्त उद्यम है, इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है।

अक्टूबर में Google के साथ एक साझेदारी की घोषणा की गई थी। इसके तहत विशाखापत्तनम में भारत का एक बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है। मौजूदा बातचीत को इस पहले से घोषित निवेश से आगे की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

डेटा सेंटर सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है। मुकेश अंबानी की Reliance Industries भी इस क्षेत्र में बड़े निवेश कर रही है। कंपनी ने विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए 11 अरब डॉलर का समझौता किया है। वहीं Tata Consultancy Services को अपने डेटा सेंटर कारोबार को बढ़ाने के लिए TPG Inc. से 1 अरब डॉलर का निवेश मिला है।

इसके अलावा, Amazon 2030 तक भारत में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.7 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। वहीं OpenAI भी 1 गीगावॉट क्षमता का डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

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