भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: 27 अप्रैल को होगा हस्ताक्षर, वैश्विक व्यापार में नई मजबूती की उम्मीद

भारत और New Zealand के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 27 अप्रैल को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित होने जा रहा है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 

बिजनेस न्यूज़: वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री Todd McClay का भारत में स्वागत किया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर 27 अप्रैल को होने वाले हस्ताक्षर से पहले हुई, जिसे भारत–न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा

इस महत्वपूर्ण अवसर से पहले भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले का भारत में स्वागत किया। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और आर्थिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों में एक “नया अध्याय” शुरू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश साझा मूल्यों, पारदर्शिता और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री Christopher Luxon ने भी इस समझौते को दोनों देशों के लिए बेहद लाभकारी बताया है। उन्होंने कहा कि इससे न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे व्यापार में तेजी आएगी। उन्होंने विशेष रूप से उन उद्योगों का उल्लेख किया जिनमें मरीन जेट सिस्टम, कृषि उत्पाद और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। उनके अनुसार, यह समझौता निर्यात पर लगने वाले शुल्क को धीरे-धीरे कम करेगा, जिससे व्यापार अधिक प्रतिस्पर्धी और आसान बनेगा।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: 27 अप्रैल को होगा हस्ताक्षर, वैश्विक व्यापार में नई मजबूती की उम्मीद

टैरिफ में कमी और बाजार तक आसान पहुंच

भारत-न्यूजीलैंड FTA के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इस समझौते के बाद भारत के निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में लगभग 100% उत्पादों पर शून्य शुल्क (Zero Duty) की सुविधा मिलेगी। वहीं, न्यूजीलैंड के लगभग 95% निर्यातित उत्पादों पर भारत शुल्क में कमी या पूरी छूट देगा। इनमें प्रमुख रूप से ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं।

हालांकि भारत ने अपने कृषि क्षेत्र और घरेलू उद्योग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूध, क्रीम, दही, पनीर, चीनी, प्याज, मसाले और खाद्य तेल जैसे उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासकर कृषि, टेक्सटाइल, आईटी और सेवा क्षेत्र में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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