शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA Rasayan Scheme) को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत देश में तीन केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
BHAVYA Rasayan Scheme: भारत सरकार ने देश के रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में BHAVYA Rasayan Scheme को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत देश में तीन आधुनिक केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए कुल ₹3,030 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है।
सरकार का लक्ष्य इन केमिकल पार्कों को आधुनिक बुनियादी ढांचे और जरूरी सुविधाओं से लैस करके उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इन पार्कों को प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे नई औद्योगिक इकाइयों को कारोबार शुरू करने के लिए आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध मिल सकेंगी।
पांच साल तक चलेगी योजना
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि BHAVYA Rasayan Scheme वित्त वर्ष 2026-27 से पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू की जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए केंद्र सरकार अधिकतम ₹1,000 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करा सकती है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को कम से कम ₹500 करोड़ का योगदान करना होगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में रसायन उद्योग के लिए बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार होगा। इससे कंपनियों को उत्पादन शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी और नए निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
प्लग एंड प्ले मॉडल से उद्योगों को फायदा
प्रस्तावित केमिकल पार्कों में सड़क, बिजली, पानी, अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य जरूरी औद्योगिक सुविधाओं को पहले से विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य कंपनियों के लिए शुरुआती निवेश और परियोजना शुरू करने में लगने वाले समय को कम करना है। प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत उद्योगों को तैयार बुनियादी ढांचे के साथ जमीन या औद्योगिक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे कंपनियां लंबे समय तक आधारभूत सुविधाएं तैयार करने की प्रक्रिया में समय और संसाधन खर्च करने के बजाय अपनी मुख्य उत्पादन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।

उत्पादन लागत और लॉजिस्टिक्स खर्च घटाने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना को मंजूरी मिलने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे भारत के रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित केमिकल पार्कों में आधुनिक सुविधाओं के साथ मजबूत पर्यावरण सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इन पार्कों से उद्योगों की लॉजिस्टिक्स और उत्पादन लागत कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और भारत की निर्यात क्षमता को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि देश में रसायन उत्पादन की क्षमता बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।
रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद
केमिकल पार्कों के विकास से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। रसायन उद्योग से जुड़े विनिर्माण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सरकार की योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण सुरक्षा भी है। प्रस्तावित पार्कों में अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय मानकों से जुड़ी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बल्लारी-गुंटकल रेल सेक्शन के लिए भी ₹1,264 करोड़ मंजूर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से गुजरने वाले बल्लारी-गुंटकल रेल सेक्शन में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,264 करोड़ है। रेलवे की यह परियोजना लगभग 46 किलोमीटर लंबी होगी और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से इस मार्ग पर रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने और यातायात को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।












