Vidya Balan ने फिल्म Bhool Bhulaiyaa में मंजुलिका का किरदार निभाकर भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में अपनी जगह बनाई। उनकी दमदार अदाकारी, भाव-भंगिमाओं और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस ने इस भूमिका को इतना जीवंत बना दिया कि फिल्म रिलीज होने के लगभग दो दशक बाद भी मंजुलिका का नाम दर्शकों के बीच उतना ही लोकप्रिय है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्मों में शामिल 'भूल भुलैया' आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है, जितनी अपनी रिलीज के समय थी। साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म ने हॉरर, कॉमेडी और सस्पेंस का ऐसा मिश्रण पेश किया, जिसने इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा दिलाया।
फिल्म में विद्या बालन द्वारा निभाया गया 'अवनी' और 'मंजुलिका' का किरदार भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित महिला किरदारों में गिना जाता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस प्रतिष्ठित भूमिका के लिए विद्या बालन मेकर्स की पहली पसंद नहीं थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्देशक प्रियदर्शन की इस फिल्म में मंजुलिका का किरदार पहले बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को ऑफर किया गया था।
हालांकि, किसी कारणवश उन्होंने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया और बाद में यह भूमिका विद्या बालन की झोली में आ गई। दिलचस्प बात यह है कि जिस किरदार को ठुकराया गया, वही आगे चलकर विद्या बालन के करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस में शामिल हो गया।
ऐश्वर्या राय बच्चन क्यों थीं पहली पसंद?
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चर्चाओं के मुताबिक, मेकर्स एक ऐसी अभिनेत्री की तलाश में थे जो शाही अंदाज, खूबसूरती और दमदार अभिनय के जरिए मंजुलिका के रहस्यमयी व्यक्तित्व को पर्दे पर जीवंत कर सके। ऐश्वर्या राय बच्चन इन सभी गुणों पर खरी उतरती थीं, इसलिए उन्हें इस भूमिका के लिए संपर्क किया गया।हालांकि, अभिनेत्री ने फिल्म स्वीकार नहीं की।
इसकी आधिकारिक वजह कभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन मनोरंजन जगत में यह चर्चा रही कि उन्होंने हॉरर और 'भूतिया' छवि वाले किरदार को निभाने में विशेष रुचि नहीं दिखाई या फिर उस समय उनके पास अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स थे।
विद्या बालन ने बनाया किरदार को अमर
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जब यह भूमिका विद्या बालन को मिली, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह इसे भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में बदल देंगी। फिल्म में उन्होंने अवनी नाम की एक साधारण महिला और मंजुलिका नाम की रहस्यमयी नर्तकी के व्यक्तित्व को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया। उनके चेहरे के भाव, संवाद अदायगी और क्लाइमेक्स में दिया गया प्रदर्शन आज भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। फिल्म के कई दृश्य और मंजुलिका का लुक लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं।
'भूल भुलैया' की कहानी एक एनआरआई दंपति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पुश्तैनी महल में रहने के लिए भारत लौटते हैं। स्थानीय लोग उन्हें चेतावनी देते हैं कि महल में एक रहस्यमयी नर्तकी मंजुलिका की आत्मा का साया है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, महल में अजीब घटनाएं होने लगती हैं और रहस्य गहराता जाता है। इस दौरान एक मनोचिकित्सक की एंट्री होती है, जो घटनाओं के पीछे छिपे सच का पता लगाने की कोशिश करता है। फिल्म ने हॉरर और मनोविज्ञान के तत्वों को अनोखे अंदाज में पेश किया था।
दमदार स्टारकास्ट ने जीता दिल
फिल्म में अक्षय कुमार, विद्या बालन, शाइनी आहूजा, परेश रावल, अमीषा पटेल, राजपाल यादव और मनोज जोशी जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। खासतौर पर अक्षय कुमार की कॉमिक टाइमिंग और विद्या बालन की गंभीर परफॉर्मेंस ने फिल्म को अलग पहचान दी। निर्देशक प्रियदर्शन ने मनोरंजन और सस्पेंस के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी फिल्म बनाई, जिसे हर वर्ग के दर्शकों ने पसंद किया।
फिल्म रिलीज होने के करीब दो दशक बाद भी मंजुलिका का किरदार दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह विद्या बालन का शानदार अभिनय और फिल्म की मजबूत कहानी मानी जाती है। बाद में बनी 'भूल भुलैया' फ्रेंचाइजी में भी इस किरदार का प्रभाव देखने को मिला, लेकिन मूल फिल्म में विद्या बालन की प्रस्तुति को आज भी बेंचमार्क माना जाता है।









