सावन माह के पावन अवसर पर भोपाल में 31 जुलाई से 3 अगस्त तक चार दिवसीय विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। शिवभक्त नर्मदापुरम से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पदयात्रा के माध्यम से भोपाल पहुंचेंगे और विभिन्न शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का महाजलाभिषेक करेंगे।
भोपाल: सावन के पवित्र महीने में राजधानी भोपाल एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। 31 जुलाई से 3 अगस्त तक आयोजित होने वाली चार दिवसीय विशाल कांवड़ यात्रा में हजारों शिवभक्त भोपाल से नर्मदापुरम (होशंगाबाद) पहुंचेंगे, जहां मां नर्मदा का पवित्र जल भरने के बाद पदयात्रा करते हुए वापस लौटेंगे। यात्रा के समापन पर भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।
31 जुलाई से होगी कांवड़ यात्रा की शुरुआत

ॐ शिव सेवा भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल कांवड़ यात्रा की शुरुआत 31 जुलाई को दोपहर 2 बजे होगी। मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं का जत्था भोपाल से नर्मदापुरम के लिए रवाना होगा। वहां मां नर्मदा के पावन तट से जल भरने के बाद शिवभक्त पदयात्रा करते हुए भोपाल लौटेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष करते हुए आगे बढ़ेंगे। सावन के दौरान आयोजित होने वाली यह यात्रा हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
नर्मदा जल से होगा भगवान शिव का महाजलाभिषेक
चार दिवसीय यात्रा का मुख्य आयोजन 3 अगस्त को किया जाएगा। इस दिन प्राचीन श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर, पात्रा पुल से भव्य शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए परम पूज्य बाबा बटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल भगवान भोलेनाथ को अर्पित करेंगे और महाजलाभिषेक करेंगे। इसके बाद धार्मिक आयोजन का समापन बड़े वाले महादेव मंदिर, कायस्थपुरा में होगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जाएगा।
पूरे शहर में रहेगा भक्तिमय माहौल
आयोजकों ने बताया कि यात्रा के दौरान महाआरती, शिव भजन, रुद्राभिषेक और 'ॐ नमः शिवाय' के मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और विश्राम की व्यवस्था भी की जाएगी। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी इस यात्रा में सहयोग करेंगी और जगह-जगह श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सेवा शिविर लगाए जाएंगे।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी आवश्यक तैयारियां करेगा। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
शिवभक्तों से शामिल होने की अपील
ॐ शिव सेवा भक्त मंडल ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कांवड़ यात्रा में शामिल होने की अपील की है। मंडल का कहना है कि सावन में भगवान शिव की आराधना और मां नर्मदा के पवित्र जल से जलाभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देना भी है।
यात्रा का पूरा कार्यक्रम
31 जुलाई को दोपहर 2 बजे भोपाल से श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदापुरम के लिए रवाना होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 3 अगस्त तक नर्मदा जल के साथ बुधनी घाट से भोपाल तक पदयात्रा निकाली जाएगी। 3 अगस्त को श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा शुरू होगी, जो बाबा बटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। यहां महाजलाभिषेक के बाद बड़े वाले महादेव मंदिर, कायस्थपुरा में आरती और पूजा के साथ चार दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम के दौरान भोपाल में शिवभक्ति, भजन-कीर्तन और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहेगा।











