दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन तेज हो गया है। पांच नाम चर्चा में हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।
पटना: बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की जा रही है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए पांच प्रमुख नामों पर मंथन हो रहा है। खास बात यह है कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर और नेता श्रेयसी सिंह को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है, जिससे उनकी संभावित दावेदारी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

बैठक में कौन-कौन शामिल?
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता BJP के अध्यक्ष नितिन नवीन कर रहे हैं। इसके अलावा कई बड़े नेता और पदाधिकारी इसमें शामिल हो रहे हैं:
सम्राट चौधरी
विजय सिन्हा
विनोद तावड़े
संजय सरावगी
नित्यानंद राय
संजय जायसवाल
इसके अलावा संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसा नाम तय करना है, जिस पर पार्टी और गठबंधन में व्यापक सहमति बन सके।
नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया
बैठक में प्रदेश कोर कमेटी से औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम की सिफारिश मांगी जा सकती है। BJP नेतृत्व की रणनीति है कि ऐसा चेहरा सामने लाया जाए जो न केवल राजनीतिक रूप से मजबूत हो, बल्कि राज्य में पार्टी की स्थिति को और सुदृढ़ कर सके।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में सिर्फ नामों पर चर्चा ही नहीं, बल्कि शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख और रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि किसी भी तरह के मतभेद से बचते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए।
नई सरकार के गठन का संभावित टाइमलाइन
राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है:
10 अप्रैल: नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली
11 अप्रैल: उनके बिहार लौटने की संभावना
12-13 अप्रैल: NDA के घटक दल अपने-अपने नेताओं का चयन करेंगे
14 अप्रैल: NDA विधायक दल के नेता का ऐलान
15 अप्रैल: नई सरकार के गठन की संभावना
इस टाइमलाइन के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है और 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है, जिसमें महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाना है।
नेताओं के बयान और राजनीतिक संकेत
BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नए मुख्यमंत्री का फैसला NDA नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा और यह पूरा प्रक्रिया नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में हो रही है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने संकेत दिया कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के रुख से NDA पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राष्ट्रीय राजनीति पर असर
बिहार में नेतृत्व परिवर्तन केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है।
NDA के भीतर शक्ति संतुलन
आगामी चुनावों की रणनीति
संसद के विशेष सत्र में भागीदारी
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए BJP इस फैसले को काफी सावधानी से ले रही है।









