पटना गोल्ड लूट केस: नकली कस्टम अधिकारी बन 14.9 किलो सोना लूटा, 3 गिरफ्तार

बिहार की राजधानी पटना में 14.900 किलो सोना लूट कांड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार। यू-ट्यूब देखकर बने नकली कस्टम अधिकारी, डेढ़ साल से कारोबारी की रेकी कर रहे थे।

बिहार की राजधानी पटना में 14.900 किलो सोना लूट मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बदमाशों ने यू-ट्यूब देखकर नकली कस्टम अधिकारी बनकर वारदात को अंजाम दिया और लंबे समय से कारोबारी की रेकी कर रहे थे।

पटना: बिहार में करोड़ों रुपये की सोने की लूट के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करीब 14.900 किलोग्राम सोना लूटने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह वारदात इतनी सुनियोजित थी कि आरोपियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर व्यापारियों को झांसे में लिया और दिनदहाड़े लूट को अंजाम दिया।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार, गुजरात से आए दो व्यापारी—राजकोट निवासी महेश मामतोरा और उनके सहयोगी—अहमदाबाद से सहरसा एक्सप्रेस के जरिए पटना पहुंचे थे। वे सोने के जेवर लेकर शहर के बाकरगंज इलाके की ओर जा रहे थे।

दानापुर रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद जब उनका ऑटो खगौल ओवरब्रिज पर पहुंचा, तभी पुलिस स्टिकर लगी एक कार और दो मोटरसाइकिलों पर सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। सभी आरोपियों ने सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहन रखी थी, जिससे वे असली अधिकारियों जैसे दिख रहे थे।

बदमाशों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए जांच के नाम पर व्यापारियों के बैग जब्त कर लिए। इसके बाद दोनों को बंधक बनाकर सोने से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए।

डेढ़ साल तक की रेकी और यूट्यूब से सीखा तरीका

जांच में सामने आया कि इस लूट की प्लानिंग बेहद प्रोफेशनल तरीके से की गई थी। गिरोह पिछले डेढ़ साल से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

आरोपियों ने चाय की दुकानों और सार्वजनिक जगहों पर बैठकर रेकी की

कारोबारी के आने-जाने का पूरा रिकॉर्ड एक डायरी में लिखा जाता था

वारदात के बाद इस डायरी को जला दिया गया

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर नकली कस्टम अधिकारी बनने की रणनीति तैयार की, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

गिरफ्तार आरोपी और मास्टरमाइंड

पुलिस ने मेहंदीगंज इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

अमरनाथ उर्फ गोपी (मुख्य साजिशकर्ता)

आदित्य गिरी उर्फ सोनी

संजय कुमार

पुलिस के अनुसार, अमरनाथ उर्फ गोपी इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले भी डकैती के मामलों में जेल जा चुका है।

इस वारदात में कुल 8 से 9 अपराधी शामिल थे, जिनमें से बाकी की तलाश के लिए अन्य राज्यों में भी छापेमारी जारी है।

बरामदगी और पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से

5.400 ग्राम सोना

9 राउंड गोली

1.97 लाख रुपये नकद

बरामद किए हैं।

पटना एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह मामला राज्य के हालिया सबसे बड़े आपराधिक मामलों में से एक है और इसमें शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

वारदात के बाद फरारी की योजना

लूट को अंजाम देने के बाद आरोपी नौबतपुर की ओर भागे और वहां से ट्रेन के जरिए फरार हो गए। यह भी उनकी पहले से तैयार योजना का हिस्सा था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

सुरक्षा और अपराध पर उठे सवाल

इस घटना ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं:

अपराधियों का पुलिस जैसी वर्दी में खुलेआम घूमना

लंबी अवधि तक रेकी के बावजूद जानकारी का अभाव

हाई-वैल्यू ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षा की कमी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट चैन को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

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