पटना: बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में इस बार नकल और सॉल्वर गैंग पर पूरी तरह शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसी सख्ती के बीच एक परीक्षा केंद्र पर उस समय सभी की नजरें एक महिला अभ्यर्थी पर टिक गईं, जब वह घूंघट ओढ़कर परीक्षा देने पहुंची। प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच कर रही महिला कर्मियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थी की गहन जांच की। इस दौरान उनसे घूंघट हटाने के लिए कहा गया, जूड़ा खुलवाकर जांच की गई और हाथों में पहनी चूड़ियां भी उतरवाई गईं, ताकि किसी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या अन्य प्रतिबंधित सामग्री छिपी न हो।
यह पूरी प्रक्रिया परीक्षा केंद्र पर लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की गई। महिला अभ्यर्थी की पहचान सत्यापित करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई। मौके पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों की भी बारीकी से जांच की गई। किसी को भी बिना जांच के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
दरअसल, परीक्षा के पहले दिन बिहार के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से 15 कथित सॉल्वर पकड़े जाने के बाद प्रशासन और परीक्षा संचालन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि कुछ लोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या अन्य अवैध तरीकों से परीक्षा में गड़बड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया।
परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मियों और महिला कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई। प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र का मिलान, एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस वेरिफिकेशन और मेटल डिटेक्टर से जांच जैसी प्रक्रियाओं के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर भेजा गया। जिन अभ्यर्थियों ने बड़े आभूषण, घड़ी, स्मार्ट डिवाइस या अन्य प्रतिबंधित सामान पहन रखा था, उन्हें बाहर ही जमा कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के अनुसार, घूंघट, पगड़ी, जूड़ा, टोपी या अन्य किसी भी पहनावे को लेकर कोई अलग नियम नहीं है। यदि सुरक्षा जांच के दौरान किसी वस्तु की जांच आवश्यक होती है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांचा जाता है। इसका उद्देश्य केवल परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी प्रकार की नकल या फर्जीवाड़े को रोकना है।
एक दिन पहले पकड़े गए कथित सॉल्वरों के बाद पुलिस और प्रशासन ने कई परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी भी बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उड़नदस्ता दल, दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ नहीं लगने दी गई और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक रखी गई।
परीक्षा देने पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार जांच पहले की तुलना में काफी अधिक सख्त रही। हालांकि, अधिकांश अभ्यर्थियों ने माना कि यदि इससे परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होती है, तो ऐसी व्यवस्था आवश्यक है। अभ्यर्थियों ने समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचकर सभी जांच प्रक्रियाएं पूरी कीं।
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन का कहना है कि राज्यभर में TET परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। किसी भी प्रकार की नकल, सॉल्वर गैंग या तकनीकी माध्यम से धोखाधड़ी की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें, केवल अनुमत सामग्री ही साथ लाएं और सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें, ताकि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।









