बिहारशरीफ में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का दूसरा दिन शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था 250 टन कचरे का उठाव ठप चौक-चौराहों पर लगा कूड़े का ढेर

बिहारशरीफ में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन 250 टन कचरे का उठाव ठप है। चौक-चौराहों पर कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं।
बिहारशरीफ में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का दूसरा दिन शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था 250 टन कचरे का उठाव ठप चौक-चौराहों पर लगा कूड़े का ढेर
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बिहारशरीफ में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का शुक्रवार को दूसरा दिन है। सफाई व्यवस्था ठप होने से शहर के कई इलाकों में कूड़े का अंबार लग गया है। नगर निगम क्षेत्र में रोजाना निकलने वाले करीब 250 टन कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है। चौक-चौराहों, बाजारों और प्रमुख सड़कों के किनारे कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर की नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है। जिन इलाकों में रोजाना सुबह सफाईकर्मी पहुंचकर सड़कों और गलियों से कचरा हटाते थे, वहां अब कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं।

शहर में घरों से निकलने वाले कचरे का उठाव भी प्रभावित हुआ है। कई मोहल्लों में लोग कूड़ा सड़क किनारे या निर्धारित स्थानों पर जमा करने को मजबूर हैं। लगातार दो दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण कई जगहों पर ढेर बढ़ता जा रहा है।

सबसे ज्यादा परेशानी बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिखाई दे रही है। चौक-चौराहों पर जमा कचरे के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि यदि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो कचरे की मात्रा और बढ़ेगी और दुर्गंध की समस्या भी गंभीर हो सकती है।

सफाईकर्मियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया गया। इसी कारण उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है।

हड़ताल के दूसरे दिन भी सफाईकर्मी अपने आंदोलन पर डटे हुए हैं। नगर निगम कार्यालय के आसपास भी प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर जारी रहने की बात सामने आई है। सफाईकर्मी अपनी मांगों को पूरा किए जाने तक काम पर वापस नहीं लौटने की बात कह रहे हैं।

हड़ताल का असर केवल कचरा उठाव तक सीमित नहीं है। शहर की सड़कों और गलियों की नियमित सफाई भी नहीं हो रही है। इससे कई जगहों पर पहले से जमा कचरा और गंदगी बढ़ती जा रही है।

शहर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में घरेलू और व्यावसायिक कचरा निकलता है। सामान्य दिनों में सफाईकर्मी घर-घर से कचरा संग्रह करने के साथ-साथ सड़कों पर जमा कचरे को भी उठाते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

करीब 250 टन कचरे का उठाव नहीं होने से नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। यदि हड़ताल कई दिनों तक जारी रहती है तो शहर में कचरे का दबाव और बढ़ सकता है। बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर जमा कचरे से जलनिकासी की समस्या भी बढ़ने की आशंका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था शहर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। हड़ताल के कारण आम लोगों को सीधे परेशानी हो रही है। लोगों ने नगर निगम से जल्द से जल्द सफाईकर्मियों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।

कचरे के ढेर से आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कूड़ा जमा रहने से ग्राहकों को भी परेशानी होती है और बाजार का माहौल खराब होता है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लंबे समय तक कचरा जमा रहना चिंता का कारण बन सकता है। कूड़े के ढेर के आसपास मच्छर और मक्खियों की संख्या बढ़ सकती है। बारिश होने पर कचरा सड़ने से बदबू और गंदगी की समस्या और बढ़ सकती है।

नगर निगम के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ सफाईकर्मियों की मांगों का समाधान करना है, वहीं दूसरी तरफ शहर की सफाई व्यवस्था को भी जल्द सामान्य करना जरूरी है। यदि हड़ताल लंबी चली तो रोजाना निकलने वाला नया कचरा भी जमा होता जाएगा।

सफाईकर्मियों और नगर निगम प्रशासन के बीच बातचीत से ही गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही नियमित सफाई व्यवस्था दोबारा शुरू हो सकेगी।

फिलहाल हड़ताल का दूसरा दिन पूरा होने के साथ शहर में सफाई व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। करीब 250 टन कचरे का उठाव ठप होने से चौक-चौराहों और प्रमुख इलाकों में कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

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