बिल गेट्स बोले- AI पर सुरक्षा नियम जरूरी, चीन भी मानेगा नियम, ट्रंप के ‘धोखा’ वाले बयान से असहमति

बिल गेट्स ने AI सुरक्षा नियमों पर ट्रंप की राय से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि चीन भी AI सुरक्षा नियम अपनाएगा और वह इस मुद्दे पर ट्रंप से बात करना चाहते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने AI डेवलपमेंट को धीमा करने और सुरक्षा नियम लागू करने की जरूरत पर डोनाल्ड ट्रंप की राय से असहमति जताई। गेट्स ने कहा कि चीन भी AI सुरक्षा नियमों को अपनाएगा और वह इस मुद्दे पर ट्रंप से बात करना चाहते हैं।

Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इससे जुड़े संभावित खतरों के बीच माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने AI सुरक्षा नियमों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच से असहमति जताई है। ट्रंप ने कहा था कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करना या इस पर कड़े नियम लगाना अमेरिका के लिए नुकसानदायक हो सकता है और इससे चीन को आगे निकलने का मौका मिलेगा। इसके विपरीत, गेट्स का कहना है कि AI से जुड़े सुरक्षा नियम हर देश को लागू करने चाहिए और चीन भी इन नियमों को अपनाएगा।

AI सुरक्षा नियमों पर बिल गेट्स की अलग राय

दुनिया भर में AI तकनीक के तेजी से विकास के साथ इसके संभावित जोखिमों और सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। कई टेक कंपनियों के प्रमुख और विशेषज्ञ AI डेवलपमेंट की रफ्तार के साथ सुरक्षा उपायों को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। इसी बहस में बिल गेट्स ने कहा कि अमेरिका को AI की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

NBC से बातचीत में गेट्स ने ट्रंप की उस आशंका से असहमति जताई कि अगर अमेरिका AI पर सुरक्षा नियम लागू करता है, तो चीन इसका फायदा उठाकर आगे निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग मानते हैं कि चीन AI सुरक्षा के नियम लागू नहीं करेगा, वह इस विचार से सहमत नहीं हैं।

ट्रंप ने AI नियमों को बताया था ‘धोखा’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप AI डेवलपमेंट को धीमा करने की मांग से सहमत नहीं हैं। उनका कहना था कि अगर अमेरिका AI की रफ्तार पर लगाम लगाता है, तो चीनी कंपनियां आगे निकल सकती हैं। ट्रंप ने AI से जुड़े इस पूरे मुद्दे को लेकर कहा था कि यह लगभग एक साजिश जैसा है और इसका सबसे ज्यादा फायदा चीन को होगा।

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने AI डेवलपमेंट को धीमा करने की बात को लेकर कहा था, “यह सब एक धोखा है।” उनका तर्क था कि AI क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त बनाए रखना जरूरी है और किसी भी तरह की ऐसी नीति जो इसकी रफ्तार कम करे, उसका फायदा चीन उठा सकता है।

ट्रंप से सीधे बात करना चाहते हैं गेट्स

बिल गेट्स ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने की जरूरत पर ट्रंप की राय बदलने की उम्मीद भी जताई। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करना चाहते हैं। गेट्स का मानना है कि AI क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और इस तकनीक को लेकर उनकी चिंताओं से ट्रंप को इस विषय पर अलग जानकारी मिल सकती है।

गेट्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस क्षेत्र में उनके काम को देखते हुए, जब वह AI के स्वरूप और उससे जुड़ी चिंताओं के बारे में ट्रंप से बात करेंगे, तो इससे राष्ट्रपति को दूसरे लोगों से मिल रही जानकारी के साथ एक अलग दृष्टिकोण भी मिलेगा।

चीन भी अपनाएगा AI सुरक्षा नियम

गेट्स का मानना है कि अमेरिका अगर AI पर सुरक्षा और निगरानी से जुड़े कदम उठाता है, तो चीन भी इसी दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AI से जुड़े सुरक्षा उपायों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नियमों का पालन हो।

उनके अनुसार, चीन भी AI सुरक्षा नियमों को अपनाना चाहेगा। इस तरह AI के विकास की रफ्तार और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर अमेरिका और चीन की नीतियां आने वाले समय में इस तकनीकी प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

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