प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी अब बिहार से बाहर अपने राजनीतिक संगठन के विस्तार की तैयारी करती नजर आ रही है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत के बाद संगठन का उत्साह बढ़ा है।
Prashant Kishor Delhi Plan: बिहार की राजनीति में चुनावी जीत दर्ज करने के बाद अब प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपना संगठन खड़ा करने की तैयारी में है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी दिल्ली में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की संभावनाओं पर काम कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी में समर्थकों की बैठक और संगठनात्मक ढांचे को तैयार करने की कवायद शुरू हो सकती है।
प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम करते रहे हैं। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करते हुए जन सुराज पार्टी की स्थापना की। बिहार में पार्टी को शुरुआत में चुनावी सफलता नहीं मिली, लेकिन अगस्त 2026 में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत ने पार्टी को पहली बड़ी चुनावी कामयाबी दिलाई। अब इसी के बाद जन सुराज के बिहार से बाहर विस्तार की चर्चा तेज हुई है।
दिल्ली में संगठन खड़ा करने की तैयारी
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत किशोर 27 सितंबर को दिल्ली में जन सुराज पार्टी के समर्थकों के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में दिल्ली इकाई के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी के गठन की घोषणा किए जाने की संभावना है। प्रस्तावित समिति का काम राजधानी में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और गतिविधियों को आगे बढ़ाना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, जन सुराज दिल्ली में अपने कार्यालय के लिए जगह की तलाश भी कर रही है। पार्टी की कोशिश दिल्ली में एक औपचारिक संगठन तैयार करने की है, जिसके जरिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जोड़ा जा सके। हालांकि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी या सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे पार्टी के विस्तार की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
बांकीपुर जीत के बाद बढ़ा राजनीतिक उत्साह

जन सुराज पार्टी के लिए बिहार का बांकीपुर उपचुनाव एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। अगस्त 2026 में प्रशांत किशोर ने अपने पहले चुनावी मुकाबले में बीजेपी के उम्मीदवार को हराकर सीट जीती। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ जन सुराज को विधानसभा में अपना पहला प्रतिनिधित्व मिला।
बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी के प्रभाव वाली सीट रही थी। उपचुनाव मौजूदा विधायक नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद हुआ था। प्रशांत किशोर ने इस चुनाव में सीधे मैदान में उतरकर जन सुराज का नेतृत्व किया और पार्टी के लिए पहली चुनावी सफलता दर्ज की।
बिहार विधानसभा चुनाव में नहीं मिली थी सीट
बांकीपुर की जीत से पहले जन सुराज को बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा था। नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे विधानसभा में कोई सीट नहीं मिली। इसके बाद बांकीपुर उपचुनाव में जीत ने पार्टी के लिए राजनीतिक तस्वीर बदल दी।
अब जन सुराज बिहार में भी अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए है। सितंबर 2026 में पार्टी ने बिहार विधान परिषद की पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा भी की है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी राज्य में अपने संगठन को सक्रिय रखने के साथ-साथ चुनावी आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली में किन मुद्दों पर फोकस हो सकता है?
दिल्ली में जन सुराज की संभावित एंट्री ऐसे समय में चर्चा में है जब राजधानी की राजनीति में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख राजनीतिक ताकतें हैं। ऐसे में अगर जन सुराज विधानसभा चुनाव लड़ती है, तो उसका प्रभाव अलग-अलग इलाकों और सामाजिक समूहों में किस तरह दिखाई देगा, यह चुनावी मैदान में उसके उम्मीदवारों, संगठन और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी दिल्ली में खास तौर पर पूर्वांचल से जुड़े मतदाताओं के बीच संगठनात्मक पहुंच बनाने पर ध्यान दे सकती है। हालांकि, किसी पार्टी की वास्तविक चुनावी स्थिति का आकलन उम्मीदवारों, सीटों, गठबंधनों और चुनावी अभियान की दिशा स्पष्ट होने के बाद ही किया जा सकेगा।










