जयपुर में भाजपा ने संत रविदास समरसता अभियान के तहत रज कलश वंदन समारोह आयोजित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 पवित्र रज कलश रथों को राजस्थान के सभी लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया, जहां सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर रज कलश वंदन समारोह का आयोजन किया। सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 पवित्र रज कलश रथों को राजस्थान के सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया। कार्यक्रम भाजपा के राष्ट्रव्यापी 'श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संत रविदास के समानता, सामाजिक सद्भाव और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है समरसता संकल्प अभियान
भाजपा ने संत रविदास की 650वीं जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक देशभर में श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान शुरू किया है। अभियान की शुरुआत गुरु पूर्णिमा के दिन उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली गोवर्धनपुर से हुई थी।
राजस्थान के लिए पवित्र रज (मिट्टी) का कलश उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गोवर्धनपुर से लाया गया। इसी पवित्र रज को अब विशेष रथों के माध्यम से पूरे राज्य में पहुंचाया जाएगा।
25 लोकसभा क्षेत्रों से 200 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा अभियान
जयपुर से रवाना किए गए 25 रज कलश रथ राजस्थान के सभी लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इसके बाद यह पवित्र रज राज्य की सभी 200 विधानसभा सीटों के प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों और सामाजिक संस्थानों तक ले जाई जाएगी।
भाजपा का कहना है कि अभियान के दौरान विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
जयपुर के समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य तथा प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नेताओं ने संत रविदास के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और सामाजिक एकता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
मदन राठौड़ ने सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि उनके छात्र जीवन में विद्यालयों के पाठ्यक्रम में संत रविदास जैसे महापुरुषों के बारे में पढ़ाया जाता था, लेकिन बाद के वर्षों में देश की सांस्कृतिक विरासत और महापुरुषों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की आवश्यकता है तथा वर्तमान समय में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनः सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राठौड़ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति, विरासत और संत परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है तथा देशभर में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक पहल की गई हैं।

संत रविदास का संदेश आज भी प्रासंगिक
संत शिरोमणि गुरु रविदास भारतीय संत परंपरा के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवनभर जातिगत भेदभाव, सामाजिक असमानता और ऊंच-नीच के विरुद्ध आवाज उठाई। उनके विचार समानता, भाईचारे और मानवता पर आधारित थे।
उनकी शिक्षाओं का प्रभाव भारतीय समाज पर आज भी व्यापक रूप से देखा जाता है। सामाजिक समरसता और समावेशी समाज की अवधारणा को मजबूत करने में उनके विचारों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
सामाजिक संवाद और जनसंपर्क पर रहेगा जोर
भाजपा के अनुसार रज कलश अभियान केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच संवाद, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया जाएगा।
राज्यभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में संत रविदास के जीवन, उनके साहित्य और सामाजिक संदेश पर व्याख्यान, सांस्कृतिक आयोजन तथा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राजस्थान में संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम अभियान
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह अभियान सामाजिक समरसता के संदेश के साथ-साथ संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यभर में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से भी यह कार्यक्रम अहम माना जा रहा है।
भाजपा का कहना है कि अभियान का केंद्र बिंदु संत रविदास के विचारों का प्रसार और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।
आने वाले महीनों तक जारी रहेगा अभियान
श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान फरवरी 2027 तक विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। राजस्थान में भी आने वाले महीनों में रज कलश यात्रा के साथ अनेक सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी का उद्देश्य संत रविदास के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाकर सामाजिक सद्भाव, समान अवसर और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना बताया गया है।












