केंद्र सरकार ने 14 सीनियर वकीलों को बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज के तौर पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को लेकर आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। खास बात यह है कि इस सूची में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई के भांजे का नाम भी शामिल है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज के तौर पर 14 सीनियर वकीलों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के बाद हुई है। इन 14 नामों में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई के भांजे का नाम भी शामिल है, जिससे यह नियुक्ति काफी चर्चा में आ गई है।
नियुक्त हुए जजों की पूरी लिस्ट
केंद्र सरकार ने जिन 14 वकीलों को बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज नियुक्त किया है, उनकी सूची इस प्रकार है:
- राज दामोदर वाकोड़े (सीजेआई बीआर गवई के भांजे)
- आबासाहेब धर्माजी शिंदे
- श्रीराम विनायक शिर्साट
- हितेन शंकरराव वेनेगावकर
- फरहान परवेज दुबाश
- रंजीतसिंह राजा भोसले
- नंदेश शंकरराव देशपांडे
- अमित सत्यवान जामसंदेकर
- आशीष साहदेव चव्हाण
- रजनीश रत्नाकर व्यास
- सिद्धेश्वर सुंदरराव थोम्ब्रे
- मेहरोज अशरफ खान पठान
- वैषाली निम्बाजीराव पाटिल-जाधव
- संदीश दादासाहेब पाटिल
सीजेआई के भांजे की नियुक्ति पर उठे सवाल
राज दामोदर वाकोड़े, जो वर्तमान में CJI बीआर गवई के भांजे हैं, इस सूची में शामिल होने के बाद चर्चा का विषय बन गए हैं। जज वाकोड़े सीजेआई की चचेरी बहन के बेटे हैं। वरिष्ठ वकील और समाजवादी विचारक प्रशांत भूषण ने इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे संभावित नेपोटिज़्म से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस नियुक्ति ने न्यायपालिका में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया पर बहस को फिर से तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की नियुक्तियां लोकतांत्रिक संस्थानों में विश्वास बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी के साथ की जानी चाहिए।