बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने अपनाया बीजेपी का फार्मूला, चौथी जीत के लिए TMC में किए बड़े बदलाव

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ममता बनर्जी ने TMC में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए और बीजेपी के रणनीतिक फार्मूले को अपनाया। जानें पार्टी में किए गए बदलाव और

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए 291 उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है। पार्टी ने अपनी रणनीति में कई बड़े बदलाव किए हैं ताकि चौथी बार सत्ता में बने रहने का दावा मजबूत किया जा सके।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में Trinamool Congress ने 291 उम्मीदवार घोषित करते ही चुनावी तस्वीर साफ कर दी है। इसके बाद राज्य में राजनीतिक मुकाबले की दिशा और स्पष्ट हो गई है। Mamata Banerjee की टीएमसी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए इस बार डबल एम (मुस्लिम और महिला) पर भरोसा किया है। वहीं एंटी-इंकम्बेंसी को कम करने के लिए 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्हें टिकट नहीं मिला है, उन्हें संगठन में जगह दी जाएगी।

बीजेपी ने बंगाल का गढ़ भेदने के लिए बड़ी तैयारी की है। 2021 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने 290 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि बीजेपी ने 293 उम्मीदवार उतारे थे। इस बार बीजेपी ने अब तक 144 उम्मीदवार घोषित किए हैं।

1. 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे, 15 सीटें बदली

TMC ने 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर पार्टी में नए दम और सक्रियता का संदेश दिया। पार्टी के पास अभी कुल 223 विधायक हैं। इसके अलावा, 15 विधायकों का क्षेत्र बदलकर उन्हें नए क्षेत्रों से चुनाव लड़वाया गया। टिकट कटने वाले नामों में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, क्रिकेटर मनोज तिवारी, अभिनेता चिरंजीत और काचन मल्लिक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह बदलाव पार्टी के आंतरिक सर्वे और प्रदर्शन आंकड़ों पर आधारित है।

2. 'डबल एम फैक्टर' पर फोकस

TMC ने अपनी रणनीति में डबल एम (Muslim और महिला) फैक्टर पर भरोसा किया है। 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं और 40 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं। महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 18% है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए क्रमशः 78 और 17 सीटें तय की गई हैं। ममता बनर्जी की जीत में महिलाओं की भूमिका हमेशा अहम रही है, और इस बार भी उन्हें आधार बनाया गया है।

3. नए स्टार-सेलिब्रिटी पर दांव नहीं

इस बार TMC ने फिल्मी सितारों को टिकट नहीं दिया। पार्टी ने जमीन से जुड़े नेताओं और सही छवि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी। पहले मिमी चक्रवती, नुसरह जहां जैसे ग्लैमरस चेहरे मैदान में उतारे गए थे। अब सोहम चक्रवर्ती, सायंतिका बनर्जी, इंद्रनील सेन और एशियाई खेलों की पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को टिकट दिया गया। उम्मीदवारों की उम्र का संतुलन रखते हुए 45% उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के हैं।

4. नंदीग्राम में रणनीतिक बदलाव

नंदीग्राम में TMC ने पिछली हार से सबक लेते हुए बीजेपी की रणनीति अपनाई। सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पबित्र कर को मैदान में उतारा गया। सुवेंदु इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। TMC ने यह कदम बीजेपी की तरह अंतिम समय में चेहरों को लॉन्च करने का भी प्रयोग किया।

5. अंतिम समय में नए उम्मीदवारों की एंट्री

TMC ने 13 नेताओं को सूची में अंतिम वक्त में शामिल किया। इसमें नंदीग्राम से पबित्र कर और पूर्व क्रिकेटर शिब शंकर पॉल जैसे नाम शामिल हैं। 149 मौजूदा विधायकों को फिर मौका दिया गया, जबकि निगेटिव सर्वे रिपोर्ट वाले नेताओं के टिकट काट दिए गए।

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