तेलुगु सिनेमा के मशहूर कॉमेडियन ब्रह्मानंदम अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और 1000 से ज्यादा फिल्मों में यादगार अभिनय के लिए जाने जाते हैं। अभिनेता आमतौर पर अपनी निजी और पारिवारिक जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखते हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: तेलुगु सिनेमा के दिग्गज कॉमेडियन ब्रह्मानंदम एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या कॉमिक भूमिका नहीं, बल्कि उनके बड़े भाई श्री वदन का एक भावुक वीडियो है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में श्री वदन ने अपने छोटे भाई से दूरी को लेकर दिल की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है, बल्कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा सिर्फ इतनी है कि ब्रह्मानंदम उन्हें एक बार फोन करके हालचाल पूछ लें।
ब्रह्मानंदम तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन में गिने जाते हैं। दशकों के अपने करियर में उन्होंने बड़ी संख्या में फिल्मों में काम किया है और अपनी खास कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों दर्शकों के बीच पहचान बनाई है। दूसरी ओर, उनके बड़े भाई श्री वदन ने ग्लैमर और फिल्मी दुनिया से अलग जिंदगी चुनी है।
‘बस एक बार फोन करके पूछ लें, अन्ना कैसे हो?’
वायरल वीडियो में श्री वदन भावुक नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में छह भाई-बहन थे, लेकिन अब उनमें से सिर्फ वह और ब्रह्मानंदम ही जीवित हैं। बाकी चार भाई-बहनों का निधन हो चुका है। श्री वदन का कहना है कि वह अपने गांव में साधारण जीवन जी रहे हैं और फिलहाल मंदिर में पूजा-पाठ से जुड़े काम करते हैं।
उन्हें अपने जीवन से कोई बड़ी शिकायत नहीं है। उनकी चाहत भी बहुत बड़ी नहीं है। वह चाहते हैं कि उनका छोटा भाई कभी फोन करके सिर्फ इतना पूछ ले—‘अन्ना, कैसे हो?’ उनके मुताबिक, ऐसा एक फोन भी उनके लिए बहुत बड़ा भावनात्मक सहारा होगा।
स्टारडम के कारण खुद मिलने जाने में महसूस करते हैं झिझक

श्री वदन ने यह भी बताया कि वह खुद ब्रह्मानंदम से मिलने के लिए उनके घर जाने से क्यों हिचकते हैं। उनका कहना है कि उनका भाई आज फिल्म इंडस्ट्री में बहुत बड़ा नाम है और उसके आसपास हमेशा लोगों की भीड़ रहती है। उन्हें लगता है कि इतने बड़े स्टार के घर अचानक पहुंचना उनके लिए सहज नहीं होगा। इसी वजह से वह चाहते हैं कि पहल ब्रह्मानंदम की तरफ से हो। श्री वदन के अनुसार, जब परिवार का कोई बड़ा या छोटा सदस्य खुद आगे बढ़कर मिलने के लिए बुलाता है, तो उससे रिश्ते में अपनापन और आत्मविश्वास महसूस होता है।
उन्होंने यह भी माना कि ब्रह्मानंदम अपने काम में बेहद व्यस्त हो सकते हैं। शूटिंग, कार्यक्रम और अन्य जिम्मेदारियों के बीच उनके पास समय कम हो सकता है। लेकिन श्री वदन की इच्छा है कि वह व्यस्तता के बीच भी अपने बड़े भाई के लिए कुछ मिनट निकालें।
‘मुझे पैसे नहीं चाहिए, सिर्फ मिलने की इच्छा है’
श्री वदन की बातों का सबसे भावुक हिस्सा यही रहा कि उन्होंने अपने भाई से किसी आर्थिक मदद की मांग नहीं की। उन्होंने बताया कि मंदिर के काम से होने वाली सीमित आमदनी में उनका जीवन चल रहा है और वह इससे संतुष्ट हैं। उनकी शिकायत किसी तरह की आर्थिक कमी से ज्यादा भावनात्मक दूरी को लेकर है। वह चाहते हैं कि परिवार के दो बचे हुए भाइयों के बीच मुलाकात और बातचीत बनी रहे।
श्री वदन ने इच्छा जताई कि ब्रह्मानंदम एक दिन उन्हें फोन कर कहें—‘अन्ना, हैदराबाद आ जाओ, मुझे तुमसे मिलना है।’ उनके लिए यही निमंत्रण सबसे बड़ी खुशी होगी।
कभी कलाकार बनने का सपना देखते थे श्री वदन
श्री वदन ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए यह भी बताया कि उन्हें खुद भी कला और अभिनय का शौक था। करीब तीन से चार दशक पहले वह गाने गाते थे और नाटकों में हिस्सा लेते थे। हालांकि समय के साथ उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई और वह फिल्मी दुनिया से दूर चले गए। वहीं, उनके छोटे भाई ब्रह्मानंदम ने अपने अभिनय और कॉमेडी के दम पर दक्षिण भारतीय सिनेमा में बेहद बड़ा मुकाम हासिल किया। ब्रह्मानंदम की लोकप्रियता केवल तेलुगु दर्शकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके किरदारों और संवादों ने देशभर के फिल्म प्रशंसकों पर प्रभाव डाला।









