ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। मिडिल ईस्ट तनाव के चलते Brent 103 डॉलर के पार पहुंचा और WTI भी बढ़ा। ईरान-अमेरिका गतिरोध से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
बिज़नेस न्यूज़: ग्लोबल ऑयल मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। ग्लोबल बेंचमार्क Brent Crude की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि WTI Crude भी करीब 91.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता नजर आया।
यह उछाल ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें बन रही थीं। लेकिन हालिया घटनाओं ने इन उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी ने यह संकेत दिया है कि बाजार में अनिश्चितता एक बार फिर बढ़ रही है।
मिडिल ईस्ट तनाव का बाजार पर असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। इस क्षेत्र को दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का अहम केंद्र माना जाता है। यहां किसी भी तरह की राजनीतिक या सैन्य हलचल का असर तुरंत तेल की कीमतों पर दिखता है।
हाल के दिनों में शांति की उम्मीदों के चलते कीमतों में कुछ गिरावट देखी गई थी। लेकिन अब हालात फिर बदलते नजर आ रहे हैं। तनाव बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे खरीदारी बढ़ी और कीमतों में उछाल आया।
ईरान के फैसले से बढ़ी चिंता
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह Iran का हालिया बयान है। ईरान ने United States के साथ सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि भले ही कुछ देशों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा हो, लेकिन इसे सीधी बातचीत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए यह भी बताया कि पहले बातचीत के दौरान हमले हुए थे, इसलिए फिलहाल सीधे वार्ता की कोई योजना नहीं है।
इस बयान के बाद बाजार में यह संकेत गया कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की संभावना फिलहाल कम है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।
अमेरिका का अलग रुख
जहां Iran बातचीत से इनकार कर रहा है, वहीं United States का रुख इससे अलग नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और यह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। दोनों देशों के विरोधाभासी बयानों ने बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि हालात सुधर रहे हैं या और बिगड़ सकते हैं। इसी अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि Strait of Hormuz की स्थिति भी तेल की कीमतों को प्रभावित कर रही है। यह दुनिया का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। अगर इस रास्ते में किसी तरह की बाधा आती है, तो सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है। इससे कीमतों में और तेजी आ सकती है। यही वजह है कि निवेशक इस क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।











