ब्रिटेन में इमरान खान के करीबी पर हमला, मिर्जा शहजाद अकबर गंभीर घायल

ब्रिटेन में इमरान खान के करीबी और पूर्व सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर पर हमला हुआ। नकाबपोश हमलावरों ने चेहरे पर वार किए, नाक और जबड़ा फ्रैक्चर, अस्पताल में भर्ती।

ब्रिटेन में इमरान खान के पूर्व सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर पर उनके घर के पास हमला हुआ। नकाबपोश हमलावरों ने चेहरे पर वार किए, जिससे उनकी नाक और जबड़ा टूट गया।

Pakistan: ब्रिटेन में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और पूर्व सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। यह हमला उस समय हुआ जब वे अपने घर के पास मौजूद थे। अचानक कुछ नकाबपोश लोगों ने उन पर धावा बोल दिया और चेहरे पर जोरदार वार किए। इस हमले में अकबर की नाक और जबड़े में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

अचानक हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध लग रहा है। हमलावर नकाब पहने हुए थे और उन्होंने बिना किसी चेतावनी के अकबर पर हमला कर दिया। चेहरे पर सीधे वार किए गए, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि नाक और जबड़े में फ्रैक्चर है और इलाज में समय लग सकता है।

समर्थकों का सीधा आरोप

मिर्जा शहजाद अकबर के समर्थकों ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान के रक्षा प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लिया है। समर्थकों का दावा है कि अकबर लंबे समय से असीम मुनीर और पाकिस्तान की सेना की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनका कहना है कि यह हमला उसी आलोचना का बदला है।

समर्थकों ने इसे केवल एक व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि “Transnational Repression” का उदाहरण बताया है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान की सेना के आलोचकों को अब देश के बाहर भी निशाना बनाया जा रहा है।

इमरान खान सरकार में अहम भूमिका

मिर्जा शहजाद अकबर इमरान खान की सरकार में सलाहकार रह चुके हैं। वे उस समय सरकार की ओर से कई संवेदनशील मामलों में मुखर भूमिका निभाते थे। इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद अकबर लगातार सेना के हस्तक्षेप और मानवाधिकार उल्लंघनों पर सवाल उठाते रहे हैं।

ब्रिटेन में रहते हुए भी वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से पाकिस्तान की सत्ता संरचना की आलोचना करते रहे, जिससे वे लगातार चर्चा में बने रहे।

वायरल भाषण बना विवाद की जड़

हाल ही में मिर्जा शहजाद अकबर का एक भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस भाषण में उन्होंने सीधे तौर पर असीम मुनीर को निशाने पर लिया था। अकबर ने आरोप लगाया था कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में पाकिस्तान को डर और दहशत के जरिए चलाने की कोशिश की गई है।

उन्होंने कहा था कि सेना ने आम लोगों के घरों पर छापे मारे, नेताओं और कार्यकर्ताओं को अगवा किया गया और पूरे समाज में भय का माहौल बनाया गया। यह भाषण पाकिस्तान और विदेशों में बसे पाकिस्तानियों के बीच काफी चर्चा में रहा।

भाषण में लगाए गए गंभीर आरोप

अपने भाषण में अकबर ने कहा कि डर और दहशत फैलाने के लिए हर संभव तरीका अपनाया गया। उन्होंने दावा किया कि अगर सेना की यह रणनीति सफल होती, तो आज इमरान खान की बहनें अदियाला जेल के बाहर धरने पर नहीं बैठी होतीं। अकबर ने तंज कसते हुए कहा था कि असली डर अब उस व्यक्ति में है जो आज भी अपनी वर्दी के नीचे Bulletproof Jacket पहनता है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोग खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

समर्थकों का कहना है कि इस भाषण के बाद पाकिस्तान सरकार ने अकबर को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित कराने की कोशिश की। हालांकि कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद अब यह हमला सामने आया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

ट्रांसनेशनल दमन का मुद्दा

इस हमले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि किसी देश के आलोचकों को विदेश में भी निशाना बनाया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है। अकबर के समर्थकों ने ब्रिटिश सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस हमले के पीछे कौन लोग हैं और किसके इशारे पर यह किया गया, यह सामने आना जरूरी है।

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