राधा रानी के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश के बरसाना में लाडली जी के मंदिर तक पहुंचने वाला रोपवे अब एक बार फिर से चालू कर दिया गया है।
बरसाना: उत्तर प्रदेश के बरसाना में राधा रानी के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले एक हफ्ते से मेंटेनेंस के कारण बंद रोपवे अब फिर से चालू कर दिया गया है। इस बार रोपवे को और भी हाईटेक बनाया गया है ताकि भक्तों को कोई परेशानी न हो। बरसाना के रोपवे को 1 फरवरी से तकनीकी मरम्मत और जांच के लिए बंद किया गया था। टेक्निकल टीम ने रोपवे की वायरिंग, ट्रॉली और अन्य उपकरणों की पूरी जांच और मरम्मत की, साथ ही इस प्रणाली में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।
रोपवे बंद क्यों था?
बरसाना रोपवे को 1 फरवरी से तकनीकी मरम्मत और सुरक्षा जांच के लिए बंद किया गया था। तकनीकी टीम ने रोपवे की वायरिंग, ट्रॉली और अन्य उपकरणों की पूरी जांच की। इसके साथ ही रोपवे प्रणाली में कई सुधार और बदलाव किए गए ताकि भक्तों को बिना किसी रुकावट के दर्शन का अनुभव मिल सके। पहले रोपवे की ट्रॉली अक्सर बीच में रुक जाती थी, जिससे भक्तों को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता और कई बार मंदिर के दर्शन का समय निकल जाता था। अब रोपवे की ट्रॉली स्ट्रेटलाइन सिस्टम पर काम करेगी और सीधे नीचे से मंदिर के पास भक्तों को उतारेगी।
इस नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भक्तों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। तकनीकी सुधारों के बाद रोपवे में बैठने के लिए किसी प्रकार का भीड़-भाड़ का दबाव कम हो गया है और अधिक से अधिक श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकेंगे।

रोपवे की तकनीकी विशेषताएं
बरसाना रोपवे प्रोजेक्ट में 12 पेंडोला ट्रॉली लगी हैं, जिनमें से प्रत्येक में 6 लोग बैठ सकते हैं। रोपवे की लंबाई लगभग 210 मीटर है और यह जमीन से मंदिर की ऊंचाई करीब 600 फीट तक जाती है। आने-जाने का किराया दोनों ओर से 100 रुपए निर्धारित किया गया है। इस रोपवे की खासियत यह है कि सुरक्षा, स्पीड और सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। हाईटेक पेंडोला सिस्टम और वायरिंग अपडेट के कारण अब यह दो मिनट में भक्तों को मंदिर तक पहुंचा देगा, जिससे दर्शन का समय और अनुभव दोनों बेहतर होंगे।
बरसाना रोपवे प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। हालांकि पर्यावरण एनओसी और कोविड महामारी के कारण इसे पूरा होने में करीब 8 साल लगे। इस प्रोजेक्ट पर कुल 15.89 करोड़ रुपए खर्च हुए। यह रोपवे मथुरा-वरिणावन विकास प्राधिकरण के मॉडल पर तैयार किया गया है और इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।
भक्तों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 अगस्त 2024 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस रोपवे का उद्घाटन किया था। इस परियोजना से बरसाना मंदिर की तीर्थयात्रा को सुविधाजनक और समय बचाने वाला बनाया गया है। बरसाना रोपवे न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
भक्तों ने रोपवे की सुविधा पर खुशी जाहिर की है। उन्हें अब लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और दो मिनट में लाडली जी के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। तकनीकी सुधारों और सुरक्षित यात्रा के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह यात्रा आसान और आरामदायक होगी।








