प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से 1 अक्टूबर तक चार चरणों में अपने मंत्रियों के साथ चिंतन शिविर में शामिल होंगे। इस दौरान वह मंत्रियों के लिए शिक्षक की भूमिका में नजर आएंगे और उन्हें प्रभावी संवाद की कला के साथ-साथ जनविश्वास को जनाधार में बदलने से जुड़े सुझाव देंगे।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों के लिए आयोजित चिंतन शिविर 2026 बुधवार, 23 सितंबर से शुरू होगा। यह कार्यक्रम 23, 24 और 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्रियों के बीच शासन, विभागीय कार्यों, जनसंपर्क और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र मोदी मौजूदा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के प्रमुख हैं और उनके पास कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के साथ परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग भी हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटे जाने की योजना है। प्रत्येक दिन एक अलग विषय पर चर्चा होगी। इस दौरान व्यक्तिगत विकास से लेकर सरकार के कामकाज और जनता के साथ प्रभावी संवाद तक कई मुद्दों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।
चार दिनों के लिए तय की गईं चार थीम
चिंतन शिविर के लिए चार प्रमुख थीम निर्धारित की गई हैं। पहले दिन का फोकस 'व्यक्तित्व विकास के जरिये स्व विकास' पर रहेगा। इसके तहत व्यक्तिगत क्षमताओं, कार्यशैली और नेतृत्व से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। दूसरे दिन की थीम 'जनविश्वास से जनाधार' रखी गई है। इसमें सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में लोगों तक प्रभावी तरीके से जानकारी पहुंचाने तथा जनसंपर्क के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
तीसरे दिन यानी 30 सितंबर को 'विभागीय सफलता' विषय पर चर्चा होगी। इस सत्र में मंत्रालयों के कामकाज, लक्ष्यों और विभागीय स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। चिंतन शिविर के अंतिम दिन 'प्रभावी संवाद' को मुख्य विषय बनाया गया है। इसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाने, नीतियों और उपलब्धियों को स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करने तथा संचार के विभिन्न माध्यमों के इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
67 मंत्रियों को चार समूहों में बांटने की योजना

कार्यक्रम के लिए 67 मंत्रियों को चार अलग-अलग समूहों में बांटे जाने की जानकारी दी गई है। इन समूहों का नेतृत्व केंद्रीय मंत्रियों के छोटे समूह द्वारा किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग मंत्रियों को चर्चा और अनुभव साझा करने का अवसर देना है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों स्तर के सदस्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध 25 जुलाई 2026 की पोर्टफोलियो सूची में केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के मंत्रालयों एवं विभागों का विवरण दिया गया है।
2015 में भी हुआ था चिंतन शिविर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इससे पहले भी मंत्रियों के लिए चिंतन शिविर आयोजित किया जा चुका है। 2015 में आयोजित कार्यक्रम में शासन व्यवस्था, कामकाज में तेजी, पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी। इस बार के कार्यक्रम में व्यक्तिगत विकास और संवाद कौशल के साथ विभागीय प्रदर्शन तथा जनता के साथ संपर्क पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है।
इस आयोजन का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि मंत्री अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े अनुभव साझा कर सकते हैं। अलग-अलग विभागों की चुनौतियों और काम करने के तरीकों पर चर्चा से अंतर-मंत्रालयी अनुभव साझा करने का अवसर मिल सकता है।
राज्य मंत्रियों के साथ भी समीक्षा बैठक
चिंतन शिविर के दौरान राज्य मंत्रियों के एक अन्य समूह के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत और समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के साथ अर्थव्यवस्था और संबंधित मंत्रालयों के काम से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले प्रधानमंत्री राज्य मंत्रियों के एक समूह के साथ 7 सितंबर को समीक्षा बैठक कर चुके हैं। ऐसे संवादों में मंत्रालयों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा की जाती है।











