चित्तौड़गढ़ में मधुमक्खियों के दोहरे हमले में दो लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। पहले हमले में एक बुजुर्ग की जान गई, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान दोबारा हमले में एक और मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
चित्तौड़गढ़ मधुमक्खी हमला: अंतिम संस्कार के दौरान फिर टूटा कहर: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार को मधुमक्खियों के लगातार दो हमलों में दो बुजुर्गों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पहला हमला उस समय हुआ जब जमनालाल नामक बुजुर्ग घर लौट रहे थे, जबकि दूसरा हमला उनके अंतिम संस्कार के दौरान शमशान घाट पर हुआ। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाते हुए पीपीई किट के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
पहले हमले में गई जान, इलाज के दौरान मौत
मंगलवार को गांव के बुजुर्ग जमनालाल पूजा कर घर लौट रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
पहले उन्हें बेंगू अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। बुधवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

अंतिम संस्कार में फिर हमला, मची भगदड़
बुधवार को जब परिजन और ग्रामीण जमनालाल के अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट पहुंचे, तभी मधुमक्खियों ने एक बार फिर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस दौरान करीब 50 से अधिक लोग घायल हो गए। पांच घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 83 वर्षीय भवानी शंकर की मौत हो गई। एक ही दिन में दो मौतों ने गांव में भय का माहौल बना दिया है।
प्रशासन हरकत में, सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। शमशान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
प्रशासन ने विशेष एहतियात के तौर पर कुछ कर्मियों को पीपीई किट पहनाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई। साथ ही, इलाके में मधुमक्खियों के खतरे को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।









