चतरा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में 11.5 लाख रुपये की अफीम और ब्राउन शुगर जब्त की। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर सफलता मिली और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई दो समन्वित कार्रवाइयों में लगभग 11.5 लाख रुपये मूल्य के अफीम और ब्राउन शुगर की बरामदगी की गई है। इस दौरान कुल तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय और कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में हलचल मच गई है।
चतरा पुलिस ने इस अभियान को गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया और विशेष टीमों का गठन कर लगातार छापेमारी की।
जंगल में घेराबंदी कर दो तस्कर गिरफ्तार, अफीम बरामद
पहली कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के पाराडीह जंगल में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस इलाके में अफीम की अवैध खरीद-फरोख्त हो रही है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में कई अधिकारी शामिल थे।
टीम ने जंगल क्षेत्र में कड़ी घेराबंदी की और कच्चे रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे दो संदिग्ध युवकों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 522 ग्राम गीली अफीम बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत लगभग ढाई लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
रूपेश कुमार (21), निवासी हेडुम, लावालौंग, और दीपांशु कुमार यादव (20), निवासी परसौनी, ईटखोरी इन दोनों आरोपियों से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें ओप्पो कंपनी के हैंडसेट शामिल हैं। पुलिस को शक है कि ये लोग किसी बड़े तस्करी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और जंगल के रास्ते सप्लाई चेन को संचालित कर रहे थे।
गिद्धौर में ब्राउन शुगर के साथ एक और तस्कर गिरफ्तार
दूसरी बड़ी कार्रवाई गिद्धौर थाना क्षेत्र में की गई। डीएसपी मुख्यालय को सूचना मिली थी कि जपुआ मैदान क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के संयुक्त नेतृत्व में एक टीम ने तुरंत छापेमारी की।

रेड के दौरान पुलिस ने 22 वर्षीय युवक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से प्लास्टिक में पैक लगभग 44 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपये बताई जा रही है।
इसके अलावा आरोपी के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसे पुलिस डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच रही है।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद अफीम और ब्राउन शुगर की मात्रा और पैकेजिंग से यह संकेत मिलता है कि यह कोई स्थानीय स्तर का मामला नहीं है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट सक्रिय हो सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपी युवकों का इस्तेमाल छोटे स्तर पर डिलीवरी और ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा रहा था, जबकि असली नेटवर्क बड़े स्तर पर सक्रिय है।
गुप्त सूचना तंत्र और विशेष अभियान से मिली सफलता
चतरा पुलिस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत करने और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। जिले में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने अलग-अलग टीमों को तैनात कर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है, खासकर जंगल और ग्रामीण इलाकों में, जहां तस्करी के रास्ते सक्रिय पाए जाते हैं।
लगातार कार्रवाई से तस्करों में दहशत
पिछले कुछ समय से चतरा पुलिस की सख्त कार्रवाई के चलते नशा तस्करों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे और किसी भी कीमत पर नशे के अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी संभव है।
युवाओं को नशे से बचाने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम में सहयोग करें। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है, इसलिए सामूहिक प्रयासों से ही इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।













