चतरा में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए भूसे के नीचे छुपाकर ले जाई जा रही 5.5 लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद की। ड्राइवर गिरफ्तार हुआ और बिहार सप्लाई का नेटवर्क उजागर हुआ।
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने एक पिकअप वैन से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। यह शराब भूसे के नीचे बेहद चालाकी से छिपाकर बिहार ले जाई जा रही थी।
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनके प्रयास नाकाम हो रहे हैं।
मोरेनवा टोल टैक्स के पास संदिग्ध वाहन की जांच
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस की टीम मोरेनवा टोल टैक्स के पास नियमित वाहन जांच कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन को रुकने का इशारा किया गया।
पुलिस को देखते ही वाहन चालक घबरा गया और गाड़ी को बीच सड़क पर छोड़कर भागने लगा। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। चालक की संदिग्ध हरकत ने पहले ही पुलिस को सतर्क कर दिया था, जिसके बाद वाहन की गहन तलाशी ली गई।
भूसे के नीचे छिपी थी शराब की खेप
प्रारंभिक जांच में पिकअप वैन के ऊपर लगभग 30 बोरे रखे हुए थे, जिनमें लकड़ी का भूसा भरा हुआ था। पहली नजर में यह एक सामान्य मालवाहक वाहन लग रहा था, लेकिन पुलिस को शक हुआ।
जब टीम ने बोरियों को हटाकर गहराई से जांच की तो नीचे छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप सामने आई। यह देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई, क्योंकि शराब को इतनी चालाकी से भूसे के नीचे छिपाया गया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल था।
कुल मिलाकर वाहन से 43 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5.5 लाख रुपये बताई जा रही है।
बरामद शराब का विवरण
बरामद शराब में कई नामी ब्रांड शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग मात्रा में पैक किया गया था ताकि पहचान छिपाई जा सके। पुलिस के अनुसार जब्त शराब में शामिल हैं
तस्करों ने इस पूरी खेप को बेहद सुनियोजित तरीके से पैक किया था ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो। भूसे का इस्तेमाल एक कवर के रूप में किया गया था, जिससे शराब की पेटियों को आसानी से छिपाया जा सके।
बिहार में सप्लाई की थी योजना
जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। जांच में पता चला है कि यह शराब झारखंड से बिहार में सप्लाई के लिए भेजी जा रही थी, जहां इसकी कीमत कई गुना बढ़ाकर बेची जाती।

वाहन चालक को वशिष्ठ नगर जोरी से हंटरगंज होते हुए बिहार के डोभी तक पहुंचना था। डोभी को एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जाना था, जहां से शराब को आगे विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाता।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो लंबे समय से इस तरह की अवैध तस्करी में शामिल है।
चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त
पुलिस ने मौके से पिकअप वैन (रजिस्ट्रेशन नंबर: BR21GC3755) को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर वाहन मालिक और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
संगठित तस्करी नेटवर्क का खुलासा
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल एक वाहन या चालक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में शराब की अवैध सप्लाई में शामिल है और सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए नए-नए तरीके अपनाता है।
भूसे के नीचे शराब छिपाने का तरीका इस बात का संकेत है कि तस्कर अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अधिक तकनीकी और योजनाबद्ध तरीके अपना रहे हैं।
मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में एक मास्टरमाइंड की भूमिका सामने आई है, जिसने पूरी योजना को तैयार किया था। चालक को केवल माल पहुंचाने का काम सौंपा गया था।
पुलिस को शुरुआती जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी
झारखंड-बिहार सीमा पर इस तरह की तस्करी पहले भी सामने आती रही है, जिसके कारण पुलिस ने अब निगरानी और सख्त कर दी है। संवेदनशील मार्गों पर लगातार वाहन जांच, गश्त और चेकपोस्ट को सक्रिय किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब और अन्य तस्करी गतिविधियों को रोकना प्राथमिकता है, क्योंकि ये नेटवर्क राज्य की कानून-व्यवस्था और राजस्व दोनों को प्रभावित करते हैं।








