चतरा जिले की संघरी घाटी में दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर में एक चालक की मौत हो गई। हादसे के बाद घंटों जाम लगा रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों ट्रकों को हटाकर यातायात बहाल किया।
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में संघरी घाटी के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो ट्रकों की सीधी टक्कर हो गई, जिसमें एक 28 वर्षीय ट्रक चालक की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा इतना गंभीर था कि चालक का दाहिना हाथ शरीर से अलग हो गया और वह बुरी तरह घायल अवस्था में ट्रक के केबिन में फंस गया।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घाटी में घंटों तक लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों और वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी
इस हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के गौसवन गांव निवासी 28 वर्षीय सुनील कुमार यादव के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन सदमे में हैं। मृतक के छोटे भाई विकास यादव ने बताया कि सुनील ट्रक चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और वह नियमित रूप से कोयला ढुलाई का काम करते थे।
कोयला लोड ट्रक जा रहा था उत्तर प्रदेश, रास्ते में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार यादव अपने ट्रक में टंडवा स्थित मगध कोल परियोजना से कोयला लोड कर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका ट्रक चतरा की संघरी घाटी के पास पहुंचा, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि कोयला लदा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और चालक केबिन में फंस गया। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका दाहिना हाथ कटकर अलग हो गया।
दर्दनाक मंजर: केबिन में फंसा चालक, गंभीर रूप से घायल
हादसे के बाद मौके पर जो दृश्य सामने आया वह बेहद भयावह था। ट्रक पलटने के कारण चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया था। गंभीर चोटों के कारण वह लहूलुहान हालत में तड़प रहा था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया गया। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से किसी तरह चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में इलाज और मौत की पुष्टि
सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल चालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही सुनील कुमार यादव ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिजनों में मातम पसर गया।
हादसे के बाद घंटों तक लगा लंबा जाम
इस भीषण सड़क दुर्घटना के बाद संघरी घाटी में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ट्रक सड़क के बीचोंबीच पलट गए थे, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घाटी में कई घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह इलाका पहले भी दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर दोनों दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटवाया।
इसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना किसकी लापरवाही से हुई।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि संघरी घाटी में अक्सर भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड ब्रेकर और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में ट्रकों की गति पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
साथ ही, ड्राइवरों की थकान, ओवरलोडिंग और खराब सड़क प्रबंधन भी ऐसे हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।











