अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद अब संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
Uttar Pradesh: अयोध्या स्थित Shri Ram Janmabhoomi Temple में चढ़ावा चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने सात दिनों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने की तैयारी कर रही है। शुरुआती जांच में मिली खामियों के आधार पर अब कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सात दिन की जांच के बाद तैयार हुई प्रारंभिक रिपोर्ट
राम मंदिर परिसर में श्रीरामलला सहित अन्य मंदिरों के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। टीम ने 15 जून से जांच शुरू की और सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है।

जानकारी के अनुसार एसआईटी रविवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप सकती है। इसके बाद जांच के अगले चरण में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कर्मचारियों और अधिकारियों से हुई पूछताछ
जांच के दौरान एसआईटी ने चढ़ावे में मिले नकदी और आभूषणों की गणना से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की है।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कई प्रक्रियात्मक खामियां और अनियमितताएं सामने आई हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
प्रारंभिक जांच के आधार पर एसआईटी अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच एजेंसी का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित चोरी या अनियमितताओं में किस स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता रही और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
डिजिटल साक्ष्य किए गए सुरक्षित
जांच के दौरान एसआईटी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं। बताया जा रहा है कि महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और सबूतों को कई डिजिटल स्टोरेज माध्यमों में सुरक्षित रखा गया है ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और प्रमाणिक बनी रहे।
जांच दल ने संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों का भी गहन अध्ययन किया है।
संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर
एसआईटी ने जांच के दायरे में आए लोगों को बिना अनुमति अयोध्या छोड़ने से मना किया है। वहीं कुछ संबंधित पदाधिकारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि जांच प्रभावित न हो।
अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
राज्य सरकार द्वारा गठित जांच दल को निर्धारित समय सीमा में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अब अंतिम रिपोर्ट पर काम किया जाएगा, जिसमें पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था में कहां-कहां कमियां रहीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से सुधारात्मक कदम आवश्यक होंगे।










