चुनाव से पहले बंगाल में BJP-TMC झड़प, मतदाता सूची को लेकर बढ़ा तनाव, जानिए पूरा मामला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच फॉर्म-6 जमा करने को लेकर झड़प हुई। पुलिस ने मौके पर स्थिति नियंत्रण में की।

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच फॉर्म-6 जमा करने को लेकर झड़प हुई। टीएमसी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।  

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच फॉर्म-6 जमा करने को लेकर झड़प हो गई। घटना के बाद दोनों ही पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बन गया और इसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

इस झड़प की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी अवैध तारीखों का फायदा उठाकर फॉर्म-6 जमा कर रही है। उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा सकती है। वहीं बीजेपी ने चुनाव आयोग को सतर्क रहने और निगरानी करने के लिए निर्देश दिए।

फॉर्म-6 को लेकर विवाद

बता दें कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है या जो किसी कारण से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार यह फॉर्म नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने या स्थानांतरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस बार बंगाल में फॉर्म-6 जमा करने के दौरान ही विवाद उभरा।

टीएमसी समर्थित BLO ने आरोप लगाया कि मेदिनीपुर से एक व्यक्ति फॉर्म-6 लेकर आया था, जिसे उन्होंने पकड़ लिया। इसके उलट बीजेपी ने कहा कि वह व्यक्ति किसी भी पार्टी का समर्थक नहीं था और सिर्फ अपने व्यक्तिगत काम से आया था। इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

झड़प का बढ़ता हुआ तनाव

कुछ समय बाद टीएमसी समर्थक बाइक पर आए और हमला करने की कोशिश की। इसके बाद बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई और माहौल गरम हो गया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, जबकि मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कार्रवाई की और दोनों पक्षों को अलग किया।

इस झड़प से स्पष्ट होता है कि चुनाव से पहले बंगाल में राजनीतिक माहौल अत्यंत संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गया है। जनता और प्रशासन दोनों ही पक्षों के बीच बढ़ते विवाद से सावधान रहना चाहते हैं।

मतदाता सूची में फेरबदल का आरोप

टीएमसी प्रवक्ता ललितेश त्रिपाठी ने बीजेपी पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में वोट चोरी की कोशिश की गई और 30,000 फॉर्म-6 चुनाव आयोग के कार्यालय में बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से जमा किए गए। उनका कहना था कि इससे बंगाल के मतदाता सूची में अनधिकृत बदलाव किए जा सकते हैं।

त्रिपाठी ने आगे कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग किसी भी स्तर पर बंगाल का चुनाव प्रभावित करने के प्रयास में लगे हैं। टीएमसी लगातार चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है।

चुनाव आयोग की भूमिका

चुनाव आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 के जमा होने और मतदाता सूची में होने वाले बदलावों पर नजर रखी जा रही है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अनधिकृत बदलाव या धोखाधड़ी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न करे। फॉर्म-6 का सही उपयोग नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने और उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

फॉर्म-6 का महत्व

फॉर्म-6 को समझना इस विवाद के लिए जरूरी है। यह फॉर्म मतदाता सूची में किसी नए मतदाता को शामिल करने या किसी मतदाता के स्थानांतरण के लिए जरूरी है। इसके माध्यम से लोग अपने नाम को सही तरीके से वोटर लिस्ट में दर्ज करवा सकते हैं और अपनी मताधिकार का प्रयोग सुनिश्चित कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने बार-बार कहा है कि फॉर्म-6 का दुरुपयोग चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए प्रत्येक राजनीतिक दल और नागरिक को इसके सही उपयोग का पालन करना जरूरी है।

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